नेशनल हाईवे पर रखी जा रही पाइप से दुर्घटना का खतरा, जल जीवन मिशन के तहत हो रहा कार्य बना चिंता का विषय
कोरबा / कटघोरा :- जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पाइपलाइन बिछाने का कार्य तेजी से जारी है, लेकिन इस कार्य में हो रही अनियमितताएं और लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ सकती हैं। विशेषकर नेशनल हाईवे-130 के कटघोरा से तानाखार, पोड़ी उपरोड़ा मार्ग पर चल रहे कार्य में गंभीर लापरवाही देखने को मिल रही है, जहां बिना किसी चेतावनी या सुरक्षा उपाय के पाइपों को सीधे हाईवे पर ही रख दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों और मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों ने इस पर गंभीर चिंता जाहिर की है। हाईवे पर मनमाने ढंग से रखी गई विशाल पाइपें केवल ट्रैफिक में बाधा उत्पन्न नहीं कर रही हैं, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका को भी बढ़ा रही हैं। कई बार बड़े वाहन ओवर टेक करने के दौरान पाइप देख वाहन धीमी क़र लेते हैं, यह वही मार्ग है, जहां दिन-रात हजारों की संख्या में हल्के और भारी वाहन गुजरते हैं। अगर कोई वाहन इन पाइपों से टकरा जाता है, तो इससे बड़ी दुर्घटना हो सकती है, जिसका जिम्मेदार कौन होगा – यह एक बड़ा सवाल है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क के किनारे पर्याप्त खाली स्थान होने के बावजूद पाइपों को हाईवे पर रखने का क्या औचित्य है? यह दर्शाता है कि संबंधित विभाग जन स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) और ठेकेदार पूरी तरह से लापरवाह रवैया अपना रहे हैं। "हालांकि यह देखा गया है कि दूसरे दिन इन पाइपों को गड्ढों में डाल दिया जा रहा है, लेकिन तब तक किसी अनहोनी के होने का जोखिम बना रहता है। दुर्घटनाएं पहले से चेतावनी देकर नहीं आतीं, और ऐसे में यह असावधानी किसी की जान भी ले सकती है।
इस गंभीर मुद्दे पर प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेने की आवश्यकता है। संबंधित विभाग और ठेकेदारों को सख्त निर्देश दिए जाने चाहिए कि कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए और किसी भी हाल में पाइप या अन्य सामग्री को हाईवे जैसे व्यस्त मार्गों पर न रखा जाए। जनहित और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, यह आवश्यक है कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाहियों को रोका जाए और जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए, ताकि जल जीवन मिशन जैसे महत्वपूर्ण योजनाओं का क्रियान्वयन सुरक्षा और नियमों के साथ हो सके।

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