Hot Posts

6/recent/ticker-posts

Ad Code

Responsive Advertisement

पंचकर्म सहायक पद पर भर्ती की माँग को लेकर प्रशिक्षित युवाओं ने एक बार फिर वित्त मंत्री को सौंपा ज्ञापन, सुशासन तिहार मे भी आवेदन, दर दर भटक रहे बेरोजगार।

पंचकर्म सहायक पद पर भर्ती की माँग को लेकर प्रशिक्षित युवाओं ने एक बार फिर वित्त मंत्री को सौंपा ज्ञापन, सुशासन तिहार मे भी आवेदन, दर दर भटक रहे बेरोजगार।

रायपुर/कोरबा :- छत्तीसगढ़ राज्य में पंचकर्म सहायक (आयुर्वेद) के पदों पर भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे प्रशिक्षित युवाओं ने एक बार फिर सरकार से अपनी पीड़ा साझा की है। राज्य के विभिन्न जिलों से आए आवेदकों ने माननीय वित्त मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन को एक ज्ञापन सौंपकर रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती विज्ञापन जारी करने की माँग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन युवाओं ने 10 से 12 वर्ष पूर्व पंचकर्म सहायक का विधिवत प्रशिक्षण प्राप्त किया है। बावजूद इसके, आयुष विभाग द्वारा अब तक इस पद के लिए कोई व्यापक और नियमित भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की गई है। वर्ष 2010 और 2016 में कुछ गिने-चुने पदों के लिए ही विज्ञापन जारी किए गए थे, जो इस क्षेत्र में कार्यरत हजारों युवाओं की अपेक्षा के अनुरूप नहीं थे। युवाओं ने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि वर्षों के इंतजार और प्रशिक्षण के बावजूद वे आज भी बेरोजगार हैं और उम्र सीमा पार होने की आशंका से वे अत्यधिक मानसिक दबाव में हैं। इससे उनके भविष्य पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।

कोरबा जिले के ग्राम दर्री निवासी श्री खरबदन प्रसाद कश्यप ने ‘सुशासन तिहार 2025’ के अंतर्गत आवेदन क्रमांक 255435817000021 के माध्यम से यह मुद्दा उठाया था। इस आवेदन को प्रशासन द्वारा गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्यवाही हेतु वित्त मंत्रालय को अग्रेषित भी किया गया है।

आवेदकों का कहना है कि पंचकर्म चिकित्सा, आयुर्वेद की एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली शाखा है, जो न केवल रोगों के उपचार में सहायक है, बल्कि स्वास्थ्य संवर्धन में भी इसकी प्रमुख भूमिका है। ऐसे में पंचकर्म सहायकों की जरूरत प्रदेश के प्रत्येक आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र में है। ज्ञापन में प्रशिक्षित अभ्यर्थियों ने माननीय वित्त मंत्री से निवेदन किया है कि वे इस विषय को प्राथमिकता दें और शीघ्र ही पंचकर्म सहायक के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कराने हेतु आयुष विभाग को निर्देशित करें। यदि सरकार समय पर इन पदों को भरने की दिशा में कदम नहीं उठाती है, तो हजारों योग्य एवं प्रशिक्षित युवाओं का भविष्य अधर में लटक सकता है, साथ ही आयुर्वेदिक चिकित्सा व्यवस्था को भी योग्य मानव संसाधन की कमी का सामना करना पड़ सकता है।

छत्तीसगढ़ के युवाओं को अब उम्मीद है कि सरकार उनकी वर्षों पुरानी माँग को गंभीरता से लेगी और उन्हें न्याय दिलाने के लिए शीघ्र उचित कदम उठाएगी।



Post a Comment

0 Comments

Ad Code

Responsive Advertisement