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मछवारो मे हड़कंप, हसदेव नदी में अवैध मछली शिकार पर मत्स्य विभाग ने की कार्रवाई, पुलिस की मदद भी ली गई

मछवारो मे हड़कंप, हसदेव नदी में अवैध मछली शिकार पर मत्स्य विभाग ने की कार्रवाई, पुलिस की मदद भी ली गई


कोरबा/ पोड़ी उपरोड़ा :-
बरसात के मौसम में मछली प्रेमियों की भीड़ नदी-नालों में उमड़ रही है। जाल डालकर मछली पकड़ने का सिलसिला तेज है, जबकि मत्स्य पालन विभाग ने 16 जून से 15 अगस्त तक हसदेव नदी मत्स्य संरक्षण क्षेत्र में मछली पकड़ने (मत्स्याखेट) पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद अवैध रूप से हो रहे मत्स्याखेट पर रोक लगाने के लिए विभाग की टीम ने मंगलवार को औचक छापामारी अभियान चलाया।



सहायक संचालक, मत्स्य विभाग के नेतृत्व में टीम ने हसदेव नदी के जामकछार, घोंसरा, गड़रा और बांगो जलाशय के एतमानगर क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान गड़रा के मीडियाकछार में कुछ मछुआरे जाल छोड़कर मौके से भाग निकले। वहीं जामकछार और घोंसरा के घाटों पर स्थानीय मछुआरों को चेतावनी दी गई। सहायक संचालक ने कहा कि प्रतिबंधित अवधि में नदी-नालों और जलाशयों में मछली पकड़ना कानूनन अपराध है। यदि कोई व्यक्ति इस दौरान मत्स्याखेट करते पकड़ा गया, तो मत्स्य विभाग की ओर से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेगा।

मछुआरों से बढ़ रहा विवाद, पुलिस ले रही मदद

कार्रवाई के दौरान कई बार मत्स्य अधिकारी और मछुआरों के बीच तीखी बहस और विवाद की स्थिति बन रही है। ऐसे में विभाग ने पुलिस सहायता लेना शुरू कर दिया है, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और अधिकारियों को अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई में कोई बाधा न आए। मत्स्य विभाग ने आम जनता और मछुआरों से अपील की है कि वे 16 जून से 15 अगस्त तक की प्रतिबंधित अवधि में हसदेव नदी, नदियों-नालों एवं जलाशयों में मत्स्याखेट न करें। यह अवधि मछलियों के प्रजनन के लिए सुरक्षित रखी गई है, ताकि जलीय जीवन संतुलन और मत्स्य उत्पादन में बढ़ोतरी हो सके।

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