पोड़ी उपरोड़ा के दूरस्थ गांवों में राशन वितरण व्यवस्था चरमराई, समय पर नहीं पहुंच रहा अनाज
कोरबा / पोड़ी उपरोड़ा :- पोड़ी उपरोड़ा विकास खंड के अंतर्गत आने वाले दूरस्थ गांवों में शासकीय उचित मूल्य की दुकानों पर समय पर राशन सामग्री का भंडारण नहीं हो रहा है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, यह देरी सोसाइटी संचालकों के लिए भी मुसीबत बनती जा रही है क्योंकि राशन की विलंबित आपूर्ति के चलते ग्रामीण उनसे विवाद करने लगते हैं।
मेरई पंचायत में ग्रामीणों का फूटा आक्रोश
ताज़ा मामला मेरई ग्राम पंचायत का है, जहां ग्रामीणों ने बताया कि अप्रैल माह में 30 तारीख को ही राशन पहुंच पाया। स्थिति इतनी विकट थी कि सोसाइटी संचालक को रात 10 बजे तक राशन वितरित करना पड़ा, इसके बावजूद लगभग 25% हितग्राहियों को राशन नहीं मिल सका। इसका मुख्य कारण NIC (नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर) का वह नियम है, जिसके तहत एक माह के आबंटित राशन का वितरण उसी माह के भीतर किया जाना अनिवार्य होता है। अगर समय सीमा पार हो जाए तो विक्रेता की लॉगिन आईडी बंद कर दी जाती है।
इसी नियम के अंतर्गत 30 अप्रैल को संचालक ने यथासंभव राशन वितरित किया, लेकिन समय कम होने के कारण सभी हितग्राहियों को अनाज नहीं मिल सका। मई माह में लॉगिन आईडी बंद हो जाने के कारण शेष लाभार्थियों को राशन से वंचित रहना पड़ा। इस संदर्भ में विक्रेता ने NIC पोर्टल से ID पुनः सक्रिय करने हेतु लिखित आवेदन भी दिया है।
कटघोरा नान गोदाम और सप्लायर की लापरवाही उजागर
जानकारी के अनुसार, राशन वितरण में देरी की मुख्य वजह कटघोरा नागरिक आपूर्ति निगम (नान) गोदाम और सप्लायर की लापरवाही है। विक्रेताओं ने बताया कि गोदाम से अक्सर महीने के अंतिम दिनों में ही डिमांड ऑर्डर (डीओ) जारी किया जाता है। कई बार डिओ जारी होने के बावजूद समय पर राशन गांवों तक नहीं पहुंचता। कुछ विक्रेताओं का यह भी कहना है कि उन्होंने इस समस्या को कई बार स्थानीय खाद्य अधिकारी के संज्ञान में लाया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
वाहन की कमी बनी बड़ी बाधा, NIC के नियम
राशन आपूर्ति में देरी की एक बड़ी वजह पर्याप्त वाहनों की अनुपलब्धता है। पोड़ी उपरोड़ा विकास खंड में 114 ग्राम पंचायतें हैं और वर्तमान में मात्र 6 वाहन ही कटघोरा से इन क्षेत्रों में राशन वितरण हेतु लगे हैं। नागरिक आपूर्ति निगम, कटघोरा के प्रभारी ने बताया कि ठेकेदार को अतिरिक्त वाहन लगाने के निर्देश दिए गए हैं और आगामी एक माह में व्यवस्था में सुधार की बात कही जा रही है। NIC के नियमानुसार, प्रत्येक माह के लिए आबंटित राशन का वितरण उसी माह के अंतिम तिथि से पूर्व किया जाना अनिवार्य है। यदि निर्धारित समयसीमा में वितरण नहीं होता तो संबंधित विक्रेता की पोर्टल आईडी स्वतः ही लॉक हो जाती है। इसके बाद पुनः आईडी खोलने के लिए आवेदन कर विशेष अनुमति लेनी पड़ती है।
वर्षों से जारी है मनमानी, समाधान की उम्मीदें धुंधली
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है बल्कि वर्षों से इसी प्रकार की मनमानी होती आ रही है। अधिकारी हर बार समाधान का आश्वासन देते हैं लेकिन ज़मीनी हकीकत में कोई ठोस सुधार नहीं होता। फिलहाल, अधिकारियों द्वारा अगले एक माह में व्यवस्था सुधारने का दावा किया जा रहा है, लेकिन अब देखना यह होगा कि क्या वाकई में ग्रामीणों को समय पर राशन मिल पाएगा या यह केवल एक और आश्वासन बनकर रह जाएगा।

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