गुरसिया बीट में जंगली सुवर का हमला, तीन ग्रामीण घायल, तेन्दु पत्ता तोड़ने गए थे।
गुरसिया बीट के नेटी भैसा जंगल में तेन्दु पत्ता तोड़ने गए ग्रामीणों पर शनिवार सुबह एक जंगली सुअर ने हमला कर दिया, जिसमें तीन लोग घायल हो गए। घायलों में 18 वर्षीय सुहानी (पिता जय करण), 42 वर्षीय पवारो बाई (पति हिरा), और 80 वर्षीय गंभीर साय (पिता कुमार साय) शामिल हैं। सुहानी की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। पवारो व गंभीर साय के घुटनो पर हमला किया लेकिन सुहानी के सिर पैर पेट व अन्य जगहों पर सुअर ने हमला किया।
ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 10-12 लोग जंगल में तेन्दु पत्ता तोड़ने में लगे हुए थे, तभी एक मादा जंगली सुअर अचानक सामने आ गई। सुअर के हमले से भगदड़ मच गई। तीन ग्रामीण सुअर की चपेट में आ गए और घायल हो गए। अन्य ग्रामीणों ने सूझबूझ से जान बचाई और किसी तरह घायल लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों ने बताया की जिस सुवर ने हमला किया है वह और भी अन्य ग्रामीणों पर हमला क़र चूका लेकिन उन्हें चोटे नहीं आई थी, और ख़बर यें भी मिल रही की इस सुवर कों शिकार के उद्देश्य से मारने प्रयास किया गया था लेकिन सुवर घायल अवस्था मे जान बचाकर भाग निकली लेकिन घायल होने के कारण उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई और ज़ब भी इस तरह इंसानो या अन्य जानवरो के साथ भिड़ंत होती है तो वह हमला क़र देती है इस तरह ग्रामीणों क़ा मानना ह वह पागल हो चुकी है, वही अब क्षेत्र के ग्रामीण उस सुअर की तलाश मे है ताकि पकड़ क़र उसे किसी अन्य स्थान पर छोड़ सकें, ताकि दहशत भरे ग्रामीणों मे डर क़ा महौल खत्म हो।
घायलों को लगभग दो किलोमीटर दूर मुख्य मार्ग तक लाकर 112 नंबर पर सूचना दी गई। एंबुलेंस की सहायता से उन्हें पोड़ी उपरोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम अस्पताल पहुंची और सहायता का आश्वासन दिया। वही अस्पताल मौजूद कर्मचारी अरुण चौधरी, विष्णु वार्ड ड्रेसर, आयुष डॉ सुमति कवर, डॉ व्यवहार व डॉ प्रीति पोरते के द्वारा त्वरित इलाज की गई।
गर्मी के मौसम में तेन्दु पत्ता तोड़ने का कार्य ग्रामीणों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत होता है, लेकिन इसके साथ ही वन्यजीवों से खतरा भी बना रहता है। वन विभाग ने इस घटना के बाद ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल में सावधानी और सुरक्षा के साथ प्रवेश करें।

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