नहीं बेच पा रहे धान, गिरदावरी में त्रुटि के चलते किसान सुधार के लिए कार्यालय का लगा रहे चक्कर, किसानों के द्वारा धान रकबा शून्य होने का आरोप लगा है, कई किसान लिए हैं कर्ज।
रिपोर्ट :- नानक राजपुत
धान खरीदी के पहले ही गिरदावरी में त्रुटि के चलते किसान रकबा सुधार के लिए तहसील कार्यालय का चक्कर लगा रहे है. गिरदावरी के दौरान पटवारीयों की लापरवाही और सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है. किसानों का आरोप है कि कई लोगों के द्वारा धान का फसल उगाया गया था, जबकि गिरदावरी में धान का रकबा शून्य अंकित किया गया ऐसे कई किसान है जिन्होंने धान की फसल की है, मगर उनका रकबा शून्य बता रहा है. जिसके चलते किसान धान नहीं बेच पा रहे हैं. अधिकांश किसानों के द्वारा धान का वास्तविक रकबा को कम दर्ज किए जाने का भी आरोप लगाया गया है,
दरसल धान मंडी के साफ्टवेयर मे इन किसानों का रकबा शून्य बता रहा या तों कुल रकबा के मुताबिक गिर्दावरि रकबा रिपोर्ट कम दर्शाया जा रहा जिससे किसानो कों टोकन नहीं मिल रहि, जबकि हर साल ये किसान अपनी उपज सोसायटी में विक्रय करते आ रहे हैं। वही किसान रकबा सुधार व पंजीयन संसोधन के लिए तहसील के चक़्कर लगा रहे, बड़ी समस्या यह की 2 दिसम्बर कों संसोधन की अन्तिम तिथि भी थी जिससे किसानो की चिंता और बढ़ गई कई किसान तों इस वर्ष धान बेच पाने की उम्मीद भी छोड़ दिए, ज्यादातर ये दिक्क़ते वन अधिकारी पट्टे मे प्राप्त भूमि पर ऊपजाई फ़सल पर आ रहि है जबकि राजस्व क़ृषि भूमि पर सबकुछ ठीक चल रहा, वही वन अधिकार पट्टे मे इस तरह की समस्या क्यों आ रहि ये समझ से परे है।
कुल रकबे के मुताबिक गिरदावरी रिपोर्ट जीरो या कम रकबा दर्शा रहा, किसान आये तहसील कार्यालय, की जा रहि सुधार।
किसान तिवारी लाल, जमलराम, नरेश कुमार, संजू प्रसाद जो की शिरमीना गीधमूड़ी, अरसीया व अन्य दर्जनों गांव से लगभग 40 से 50 की संख्या मे तहसील कार्यालय पोड़ी उपरोड़ा आये जिनका कहना था की उनके रकबा मे फ़सल विवरण मे धान विवरण नहीं दिखा रहा था, जिसके चलते उन्हें टोकन नहीं मिल रहा वही किसानो ने पटवारीयों से मामले की जानकारी लिए तब पटवारीयों द्वारा तहसील कार्यालय जाकर पुनः सुधार के लिए आवेदन देने की बात कही जा रहि, हालांकि उक्त प्रक्रिया प्रसासन स्तर मे जैसी भी हो लेकीन परेशानीया गरीब किसान उठा रहे ये बड़ी विडंबना है।
अन्तिम तिथि कों देखते हुए देर रात तक तहसील कार्यालय मे हुआ काम, बचें किसानो के लिए तिथि बढ़ाई जाएगी निश्चिन्त रहे किसान।
वही आये किसानो ने देर शाम होता देख सुधार कार्य नहीं होने की चिंता से नयाब तहसीलदार के समक्ष गुहार लगाने लगे किसानो ने कहा की हम कर्ज लेकर फ़सल उगाए है ऐसे मे हमारी फ़सल धरि की धरि रह जाएगी और तिथि भी प्रसासन ने निर्धारित की है जो की आज 2 दिसम्बर की है वही कीसानों की समस्या कों देखते हुए नयाब तहसीलदार व अपरेटर ने भी देर रात तक तहसील कार्यालय मे काम किया नयाब तहसीलदार ने बताया की उक्त समस्या सिर्फ वन पट्टा मे फ़सल उत्पादन मे ही आ रहि है चुकी एनआईसी पोर्टल की अन्तिम तिथि 2 दिसम्बर थी जिसके चलते जितना हो सकें उतने किसानो का रकबा मे सुधार कार्य किया जा रहा है वही बचें किसानो के लिए पुनः तिथि बढ़ाये जाने की मांग कलेक्टर महोदय से की जाएगी, कोई भी किसान धान बिक्री से वँचित नहीं रहेगा सभी किसानो के रकबे मे संसोधन किया जायेगा।



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