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उद्यम रजिस्ट्रेशन के नाम पर CSC संचालकों की मनमानी, महिलाओं से वसूले जा रहे 2000 रुपये तक – गरीब वर्ग परेशान

उद्यम रजिस्ट्रेशन के नाम पर CSC संचालकों की मनमानी, महिलाओं से वसूले जा रहे 2000 रुपये तक – गरीब वर्ग परेशान

शिरमीना/कोरबी/मोरगा:

महिला स्वसहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की कोशिश कर रही महिलाओं को उद्यम रजिस्ट्रेशन के नाम पर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इन क्षेत्रों में संचालित कामन सर्विस सेंटर (CSC) संचालकों द्वारा 1500 से 2000 रुपये तक की राशि वसूली जा रही है, खास तौर पर मोरगा मे ये शिकायते ज्यादा सुनने को मिल रही। जबकि भारत सरकार का MSME उद्यम रजिस्ट्रेशन पोर्टल पूरी तरह निशुल्क है। दरसल महिला समूहों को बैंक से लोन प्राप्त करने के लिए उद्यम रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होता है। लेकिन स्थानीय CSC संचालक इस प्रक्रिया के लिए अत्यधिक राशि वसूल रहे हैं। महिलाओं क़ा कहना है कि यदि 200-300 रुपये तक सेवा शुल्क लिया जाए तो कोई आपत्ति नहीं है, परंतु 1500-2000 रुपये एक गरीब महिला के लिए भारी बोझ है। लेकिन लोन की जरुरत को देखते हुए सर्विस चार्ज दे दिया जाता है। 

एक महिला सदस्य ने बताया, “हम जैसे लोग बड़ी मुश्किल से स्वसहायता समूह से जुड़ते हैं, और छोटा-मोटा व्यवसाय शुरू करने का सपना देखते हैं। शुरुआत में ही यदि हमसे इतनी बड़ी रकम ली जाए तो हम लोन लेने का विचार ही छोड़ देते हैं। ”सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिले के CSC डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर भी इस पूरे मामले में मौन हैं। न ही कोई निगरानी हो रही है ना ही दौरा, इससे फिल्ड निरीक्षण की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

अब जरूरत है कि प्रशासन और MSME विभाग इस मामले में तत्काल संज्ञान लें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी महिला अपने अधिकारों से वंचित न हो। साथ ही, CSC संचालकों के लिए पारदर्शी सेवा शुल्क तय हो, जिससे सेवाएं सुलभ और न्यायपूर्ण बनी रहें।

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