Hot Posts

6/recent/ticker-posts

Ad Code

Responsive Advertisement

गरीबी की मार और तंत्र की बेरुख़ी: जन्म प्रमाण पत्र के लिए चावल बेचने को मजबूर हुई माँ

गरीबी की मार और तंत्र की बेरुख़ी: जन्म प्रमाण पत्र के लिए चावल बेचने को मजबूर हुई माँ

बंजारी:-  एक माँ की मजबूरी और सिस्टम की लापरवाही ने फिर से इंसानियत को झकझोर दिया है। बंजारी निवासी अमीषा धनवार पति समेलाल धनवार, अपने बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र में नाम सुधार करवाने के लिए कई बार बंजारी कार्यालय के चक्कर काटती रहीं। अंततः जब प्रमाण पत्र बना, तो उससे अवैध रूप से पैसे की मांग की गई।

अमीषा आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। पैसे न होने की स्थिति में उसने अपने घर का चावल बेचकर राशि की व्यवस्था की, ताकि वह अपने बच्चे का अधिकार हासिल कर सके। प्रमाण पत्र को लेकर जब वह संबंधित कार्यालय पहुंची, तो वहाँ मौजूद एक अन्य व्यक्ति से बातचीत के दौरान वह अपने दर्द को छुपा नहीं सकीं और आँसू छलक पड़े। उनका कहना था, “एक जन्म प्रमाण पत्र सुधरवाने के लिए कितना भटकना पड़ा, और जब बना, तो पैसे भी देने पड़े।” यह सिर्फ अमीसा कि ही बात नहीं यहां ना जाने कितने महिलाओ से ऐसे पैसे कि मांग कि जाती है, ग्रामीण क्षेत्र मे लोग किसी तरह ग़रीबी से जीवन ज़ी रहे हैं और ग़रीबी क़ा फायदा उठाकर ऐसे शासकीय कर्मचारी फल फूल रहे हैं, महिला ने बताया कि उनकि तकलीफ क़ा कारण बंजारी मे कार्यरत ANM कर्मचारी है जिसने जन्म प्रमाण पत्र के नाम पर पैसे कि मांग किये।

https://youtu.be/p7YRbLFVSWI 👈 वीडियो

इस पूरे वाकये का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अमीषा अपनी आपबीती सुना रही हैं। वीडियो लोगों को भावुक कर रहा है और सिस्टम में सुधार की मांग उठ रही है। आखिर एक साधारण प्रक्रिया को इतना जटिल और खर्चीला क्यों बना दिया गया है? गरीबों को उनका हक़ दिलाने के लिए क्या अब भी उन्हें चावल बेचना पड़ेगा? अब देखना होगा कि इस वीडियो वाइरल के बाद प्रसासन क्या एक्शन लेता है।

https://youtu.be/p7YRbLFVSWI  👈 वीडियो 



Post a Comment

0 Comments

Ad Code

Responsive Advertisement