जानलेवा हुआ अड़सरा का दूषित पानी, PHE विभाग नहीं ले रहा सुध
अड़सरा गांव में दूषित पानी पीने से पंडो परिवारों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है। विजय वेस्ट कोल खदान से निकलने वाला गंदा और रासायनिक तत्वों से युक्त पानी इस इलाके के जलस्रोतों में मिलकर उन्हें जहरीला बना रहा है। इसके चलते गांव के लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं, लेकिन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग इस गंभीर स्थिति की अनदेखी कर रहा है। न तो विभाग के जिम्मेदार अधिकारी ने अब तक क्षेत्र का दौरा किया है, न ही पानी की जांच कराई गई है।
हालांकि स्वास्थ्य शिविरों के बाद कुछ राहत जरूर मिल रही लेकिन अब तक जल संकट का समाधान नहीं किया जा सका और बीमारियों पर रोकथाम लगाना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि PHE विभाग इस विषय पर कोई ध्यान नहीं दे रहा, जिससे उनकी समस्याएं और बढ़ रही हैं। ग्रामीणों ने कहा कि SECL प्रबंधन भी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है और वह अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहा है।
पिछले दो महीने में दो मासूमों की मौत
इस दूषित पानी के कारण गांव में कई बीमारियां फैल रही हैं। बीते डेढ़-दो महीने के अंदर दो मासूम बच्चियों की मौत हो चुकी है। डेढ़ साल की पूजा पंडो और साढ़े चार साल की सुमन पंडो की मौत का कारण परिजनों ने गंदे पानी को ही बताया है। परिजनों ने रोते हुए बताया कि उनकी बच्चियां बीमार पड़ने के बाद धीरे-धीरे कमजोर होती चली गईं और इलाज के अभाव में उनकी जान चली गई। इतने बड़े हादसे के बावजूद भी PHE विभाग ने अब तक पानी की जांच करने की जरूरत नहीं समझी। ग्रामीणों में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि प्रशासन को इस मामले में तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। कई सालों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन जंगल क्षेत्र में बसे होने के कारण ग्रामीण अपनी बात प्रशासन तक नहीं पहुंचा पा रहे थे। अब जब मामला उजागर हुआ है, तब भी संबंधित PHE विभाग अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं।PHE विभाग को तुरंत पानी के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच करनी चाहिए।
आखिर ग्रामीणों की जिंदगी से खिलवाड़ कब तक चलता रहेगा, अब यह प्रशासन पर निर्भर करता है कि वे इस गंभीर समस्या को कितनी जल्दी सुलझाते हैं। या यू ही खदान प्रबंधक व PHE विभाग को प्रसासन सरक्षण देता रहेगा।


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