जशपुर / सभी पटवारियों का तबादला बड़े पैमाने पर कर दिया गया, सभी राजस्व निरीक्षकों का भी तबादला हो गया. पर वर्षों से डेरा जमाए एक ही तहसीलों में बैठे बाबूओ पर प्रशासन की नजर नहीं जा रही है। पत्थलगांव तहसील में बसे कई वर्षों से ऊपर जो बाबू बैठे हुए हैं समझ नहीं आता कि प्रशासन इनका ट्रांसफर कब करेगा । क्या इन्हें प्रशासनिक बड़े अधिकारी या फिर राजनेताओं का आशीर्वाद मिला है जो ये एक ही जगह में डेरा जमाए बैठे हैं । पत्थलगांव ही नहीं बल्कि पूरे जिले भर के चाहे वह
कासाबेल, कुनकुरी,बगीचा,फरसाबहार के ही तहसील क्यों ना हो जहां पर 15-20 साल से कई बाबू जो अपना डेरा जमाए बैठे हैं,जिनका ना तो ट्रांसफर होने का नाम हो रहा है और ना ही प्रशासनिक नजर इनके ऊपर जा रही है । इन बाबुओं के द्वारा छोटे छोटे काम को लेकर डाइवर्सन वगैरह के लिए आम जनता से मोटी रकम ली जाती है । ऊपर से दलालों के साथ इन बाबुओ का परसेंटेज फिक्स होता है ..दलाल तथा बाबुओ से गुजरे बिना कोई काम नहीं होता और फीस इतनी होती है कि छोटी सी जमीन का काम कराने मे आम जनता के लाखों रु लग जाते हैँ...हर डाइवर्सन की डील या तो खुद कर लेते हैँ या दलाल इन्हें ला कर देते हैँ ।लेकिन प्रशासन की नजर यदि इन बाबूओ पर जाती तो निश्चित ही इनका भी तबादला होता। जो अब ग्रामीणों की सुविधा के अनुसार जरूरी है । कई वर्षों से डेरा जमाये और बैठे-बैठे ग्रामीणों के खजाने को खाली करने वाले इन बाबूओ का प्रशासन द्वारा तबादला होता है या नहीं , यह आने वाला वक्त ही बताएगा ।

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