Hot Posts

6/recent/ticker-posts

Ad Code

Responsive Advertisement

दीपका थाना मे पदस्थ दो पुलिस कर्मी हुए राजनितिक शिकार, उपद्रवी युवक को सबक सिखाने वाले खुद पुलिस कर्मी पर ही हो गई कार्यवाही, एसपी कि कार्यवाही से उपद्रवियों के हौसले बुलंद।

 रिपोर्ट :- नानक राजपुत



एक ओर आमजन कि सुरक्षा को लेकर पुलिस लगातार कार्यवाही कर रहि असमाजिक तत्व व उपद्रवी पर लगाम लगाकर पुलिस उन्हें कंट्रोल कर रहि समय आने पर लगाम नहीं लगाने वाले बदमासो पर पुलिस बल प्रयोग भी कर रहि लेकिन उन्ही पुलिस वालो पर कार्यवाही हो जाना आमजनताओं के भी समझ से परे है, ताज़ा मामला दीपका थाना मे देखने को मिला।

क्या है पूरा मामला जानते हैं

दरसल 11 सितंबर कि रात दीपका के इंद्रागाँधी स्टेडियम मे नितिन दुबे का जगराता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था हजारों कि संख्या मे लोगो कि भीड़ उमड़ी रहि, लोग दूर दराज से जगराता कार्यक्रम का आनंद ले रहे थे उसी दौरान एक युवक भीड़ भाड़ इलाके मे मस्ती करते हुए बाईक स्टंट करने लगा लोगो व समितियों के द्वारा काफी समझाइस दी गई लेकिन वह युवक नहीं माना जहाँ मजबूरन समिति वालो ने दीपका थाना पुलिस को सूचना कर उस उपद्रवी युवक कि मस्ती को लगाम लगाने अपील कि, सुचना पर दीपका थाना मे पदस्थ दो ASI खगेश राठौर व जितेश सिंह उपस्थित हुये जहाँ उस युवक को पुलिस द्वारा एक बार समझाया गया लेकिन उक्त युवक ने अपनी राजनितिक पकड़ का धौंस दिखाने लगा वही पुलिस कर्मियों से ही बत्तीमीजी भी करने लगा उपद्रवी युवक कि बदमासी लगाम न लगता देख पब्लिकली दोनों पुलिस कर्मियों ने उस युवक कि जमकर पिटाई कर दी पिटाई के दौरान किसी ने पिटाई का वीडियो बनाकर सोशल मिडिया मे वाइरल कर दिया मामला एसपी सिद्धार्थ तिवारी के संज्ञान मे आने के बाद दोनों ASI खगेश राठौर व जितेश सिंह को बढ़ते राजनितिक दबाव के कारण विभागीय सजा भुगतनी पड़ी है और आम जनताओं के बीच पुलिस कि इस कार्यवाही को गलत ठहराते हुए दोनों ASI को सस्पेंड कर दिया गया। 

कार्यवाही से जानता संतुस्ट नहीं, क्या रहि जनताओं के बीच प्रतिक्रिया

उपद्रवी युवक कि पिटाई करने वाले दोनों पुलिस कर्मियों पर कार्यवाही को लेकर कोरबा एसपी महोदय के द्वारा सस्पेंड को लेकर जनताओं मे असंतोष व्याप्त हुई कहा कि ऐसे उपद्रवीयों को सजा मिलनी ही चाहिए थी जिसके चलते आमजन को जानमाल का खतरा बना रहता है, लेकिन राजनितिक दबाव के चलते असमाजिक तत्व पर कार्यवाही करने वाले पुलिस कर्मी खुद सजा भुगत रहे ये समझ से परे है वही जिले के पुलिस कर्मियों मे भी चिंता का विषय बना हुआ है कही उनपर भी कभी ऐसा गाज ना गिर जाए। फिलहाल कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी दोनों पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया और कहा कि हर पुलिस कर्मी अनुशासन का हिस्सा होता है क़ानून के दायरे मे विधिवत कार्यवाही कि जाती है अगर कोई भी पुलिस कर्मी अनुशासन तोड़ता है तो उनपर कार्यवाही कि जाती है।

आधिकारिक तौर पर सही लेकिन व्यवहारिक दृश्टिकोण में गलत: आमजनता 

आमजनताओं का कहना है कि आधिकारिक तौर एसपी का निर्णय उनके अधिकार क्षेत्र और विवेक से सही भी हो, लेकिन व्यावहारिक दृष्टिकोण से दोनों एस आई पर कार्रवाई को लेकर लोग अनुचित ठहरा रहे हैं। यह किसी का पक्ष नहीं बल्कि बदलते दौर के साथ अपराध करने की, सामाजिक गतिविधियों को बिगाड़ने की बदलते तरीकों से तत्काल निपटने का भी एक तरीका है, आज हर गली मोहल्ले मे नशेड़ी युवकों कि संख्या बढ़ रहि है जो सड़को पर उधम मचाते रहते हैं आमजन कि बाते ये मानने वाले कहा ऐसे उधमी लोगों पर डंडा नहीं बरसेगा तो क्या वह खातिरदारी से सुधरेंगे, इस पहलू को भी गौर से समझने की जरूरत है। जरूरतमंद लोगों पर डंडा बरसे तो उससे पुलिस की छवि धूमिल नहीं होगी बल्कि और निखरेगी, वाइरल वीडियो कि एक तरफा कार्यवाही से क्षेत्र कि जनता संतुस्ट नहीं है। 

Post a Comment

0 Comments

Ad Code

Responsive Advertisement