कोरबा / पोड़ी उपरोड़ा:- बांगो थाना अंतर्गत मातिन पंचायत के 76 ग्रामीणों का कुछ महीने पहले इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक का खाता खुलवाया गया था ग्रामीणों को यह कहा था कि इस बैंक मे खाता खुलवाने से प्रति माह दो हजार रु किसी कम्पनी के द्वारा जमा किया जायेगा, और शासन के सभी राशि का लाभ भी इसलिए बैंक से मिलेंगे, ग्रामीण क्षेत्र के भोले भाले किसान व महिलाये बातो पर भरोसा करके खाता खुलवा लिया, उसके बाद शासन के सभी राशि चाहे पीएम किसान सम्मान निधि हो, महतारी वंदन हो या मनरेगा के तहत कार्य करने वाले सभी राशि इसी खाते मे जाने लगे, लेकिन ज़ब किसान व महिलाये अपने खाते से राशि आहरण करने आते हैं तो उन्हें उनके खाते से राशि माइनस होने कि जानकारी दी जाती थी, जबकि किसानो को इस ट्रांजेक्शन से संबंधित जानकारी ही नहीं है, किसान गणेश यादव ने बताया कि नवंबर माह मे उसके खाते से लगभग 86 हजार रूपये के ट्रांजेक्शन हुए हैं इस ट्रांजेक्शन का उसे पता ही नहीं है। किसानो का कहना है कि उनके खाते मे राशि माइनस दिखाते जा रहे हैं जितने भी राशि शासन से आ रहे सभी अपने आप ही काट दिए जा रहे।
बांगो थाना मे कि थी शिकायत अब तक नहीं हुई जांच*
शिकायत के बाद बांगो थाना प्रभारी ने मामले मे गुरसिया स्थित पोस्ट पेमेंट बैंक के जाकर पूछताछ किया जहा पता चला कि एजेंट के रूप मे दो व्यक्ति कार्य किये थे, उन दोनों व्यक्तियों द्वारा यें पता चला कि कोई अन्य राज्य के व्यक्ति से इनका सम्पर्क हुआ था उसके द्वारा बताया गया कि काफी संख्या मे ग्रामीणों का खाता खुलाओ जिसमे सभी ग्रामीणों के खाते मे राशि उक्त कम्पनी द्वारा भेजे जायेंगे, उन दोनों व्यक्तियों के द्वारा सभी ग्रामीणों के खाते इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक मे खुलवाए गए लेकिन पैसा आना तो दूर बल्कि ग्रामीणों के ही पैसे लूट लिए जा रहे, वही मामले मे शिकायत कि गई थी लेकिन किसी प्रकार कि कोई कार्यवाही या जांच नहीं किया गया पुलिस द्वारा मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया वही मामला ठंडे बसते मे चला गया।
*कुल 90 लाख से अधिक कि ट्रांजेक्शन, पुनः कोरबा एसपी व कलेक्टर से कि शिकायत जाँच कर उचित कार्यवाही कि मांगे*
सभी किसानो के द्वारा मामले मे कोरबा एसपी व कलेक्टर से शिकायत कि वही मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कराने कि मांग करने लगे, किसानो का कहना है कि सभी किसानो के खाते से जितनी राशि माइनस हुई है सभी का आकलन किया जाए तो लगभग 90 लाख से अधिक कि राशि हो सकती है वही जानकारों का यें मानना है कि किसी बुद्ध जीवी व्यक्ति या उक्त किसी कम्पनी के द्वारा सभी किसानो के खाते से लोन लिए गए हो जिसकी भरपाई के लिए किसानो के खातों से राशि काटी जा रहि है,

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