ktg news : बाढ़ और गैस रिसाव से निपटने प्रशासन ने परखी तैयारियां, राधासागर तालाब पर किया गया मॉकड्रिल, पानी में फंसे लोगों का किया गया रेस्क्यू.
कोरबा/कटघोरा, 20 अगस्त: प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। कोरबा जिले में भी लगातार बारिश के चलते मिनीमाता हसदेव बांगो बांध के गेट खोलने पड़े हैं। इससे बांध के निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए गुरुवार को मॉक ड्रिल का आयोजन किया। कटघोरा के राधासागर तालाब में जलजनित आपदा और कोहड़िया स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में क्लोरीन गैस रिसाव की काल्पनिक स्थिति तैयार कर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।
राधासागर तालाब में आयोजित मॉक ड्रिल के दौरान भारी बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने और कुछ लोगों के पानी में फंसने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। प्रशिक्षित गोताखोरों और रेस्क्यू टीम ने लाइफ जैकेट, रस्सियों और नाव की सहायता से पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया का अभ्यास किया।
रेस्क्यू के दौरान पहले पानी में फंसे व्यक्तियों की पहचान की गई। इसके बाद टीम ने रस्सियों और लाइफ जैकेट की मदद से उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। नाव और बचाव दल के सहयोग से सभी लोगों को पानी से बाहर निकालकर किनारे तक लाया गया। इस दौरान यह भी प्रदर्शित किया गया कि वास्तविक बाढ़ की स्थिति में बचाव दल किस तरह त्वरित कार्रवाई कर लोगों की जान बचा सकता है।
बचाव अभियान के बाद मेडिकल टीम ने मौके पर ही रेस्क्यू किए गए लोगों की स्वास्थ्य जांच की। डूबने की स्थिति में कृत्रिम श्वसन यानी सीपीआर, ऑक्सीजन सपोर्ट और प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया, ताकि आपदा के दौरान रेस्क्यू के साथ तत्काल चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई जा सके।
इसी तरह कोहड़िया स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में क्लोरीन गैस रिसाव की काल्पनिक स्थिति को लेकर भी मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान गैस रिसाव की सूचना मिलने पर संबंधित विभागों द्वारा की जाने वाली त्वरित कार्रवाई, बचाव और राहत कार्यों का अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल का उद्देश्य ऐसी आपात स्थिति में विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता को परखना रहा।
मॉक ड्रिल में कटघोरा अपर कलेक्टर ओंकार यादव, एसडीएम टी.आर. भारद्वाज, तहसीलदार सूर्य प्रकाश केशकर, नायब तहसीलदार, कटघोरा थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू, एसआई राजेन्द्र प्रताप सिंह, प्रधान आरक्षक अनुज सिंह सहित प्रशासन और पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। इसके अलावा एनडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका, अग्निशमन दल और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी अभ्यास में हिस्सा लिया।
जिला प्रशासन की इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य संभावित बाढ़, जलजनित आपदा और क्लोरीन गैस रिसाव जैसी आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को व्यावहारिक रूप से परखना रहा। साथ ही विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, रेस्क्यू टीम की तत्परता, चिकित्सा सहायता और आपातकालीन सेवाओं की कार्यप्रणाली का परीक्षण किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर जनहानि को न्यूनतम रखना प्राथमिकता है।








0 Comments