कोरबा : नदी पार कर स्कूल जाने को मजबूर बच्चे, कोरबा में विकास के दावों पर उठे सवाल.
कोरबा/पोंडी उपरोड़ा 22 अगस्त 2026 : जिले में शिक्षा और विकास को लेकर किए जा रहे तमाम दावों के बीच पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के सिर्री पंचायत से सामने आई तस्वीर सिस्टम की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यहां स्कूली बच्चे आज भी जान जोखिम में डालकर नदी पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं। बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद हालात और भी भयावह हो जाते हैं। बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित माता-पिता खुद नदी में उतरकर उन्हें पार करवाते हैं और स्कूल तक पहुंचाते हैं।
बारिश शुरू होते ही सिर्री पंचायत के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। नदी में पानी बढ़ने के कारण स्कूली बच्चों का स्कूल पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है। कई बार पानी का बहाव इतना तेज हो जाता है कि बच्चों के लिए नदी पार करना जोखिम भरा हो जाता है। ऐसे में परिजन मजबूरी में बच्चों को अपने साथ लेकर नदी पार करते हैं। बाढ़ की स्थिति अधिक गंभीर होने पर बच्चे कई-कई दिनों तक स्कूल नहीं जा पाते, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है।
शिक्षा के साथ रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित
नदी पर पुल नहीं होने का असर केवल बच्चों की शिक्षा तक सीमित नहीं है। बारिश के मौसम में ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी भी मुश्किल हो जाती है। राशन लेने, बाजार जाने, अस्पताल या अन्य जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचने में ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। आपात स्थिति में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी पर पुल निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों के लिए यह पुल सिर्फ आवागमन का साधन नहीं, बल्कि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी बुनियादी आवश्यकता है।
विधायक भी उठा चुके हैं पुल की मांग
क्षेत्रीय विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम भी नदी पर पुल निर्माण की मांग उठा चुके हैं। इसके बावजूद ग्रामीणों को अब तक राहत नहीं मिल सकी है। बरसात के दिनों में हर साल वही समस्या दोहराई जाती है और बच्चों को जोखिम उठाकर स्कूल जाना पड़ता है।सरकार गांव-गांव तक शिक्षा और विकास की सुविधाएं पहुंचाने की बात करती है, लेकिन सिर्री पंचायत की यह तस्वीर सवाल करती है कि जब एक बच्चा स्कूल जाने के लिए ही सुरक्षित रास्ते से वंचित हो, तो उसके शिक्षा के अधिकार और सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
सिर्री पंचायत के ग्रामीण अब आश्वासन नहीं, बल्कि नदी पर स्थायी पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, ताकि बरसात में बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो और ग्रामीणों को भी आवागमन की इस गंभीर समस्या से स्थायी निजात मिल सके।




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