पीएम आवास योजना में गड़बड़ी, दो इंद्रपाल की राशि एक ही खाते में ट्रांसफर, सीईओ ने कहा राशि लौटाने का कोई बल पूर्वक दबाव नहीं।
कोरबा / पोड़ी उपरोड़ा :- पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के बांगो चर्रा पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की राशि वितरण में गंभीर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। विभागीय त्रुटि के कारण पात्र हितग्राही इंद्रपाल कवर पिता हरिहर कवर को मिलने वाली राशि, दूसरे हितग्राही इंद्रपाल अगरिया की पत्नी विनीता अगरिया के खाते में ट्रांसफर हो गई।
कैसे हुई गड़बड़ी
गांव में दोनों ही इंद्रपाल नामक व्यक्तियों के आवास स्वीकृत हुए थे। भुगतान प्रक्रिया में त्रुटि के चलते न तो इंद्रपाल कवर और न ही इंद्रपाल अगरिया के खातों में राशि पहुंची। इसके बजाय इंद्रपाल अगरिया कि पत्नी विनीता अगरिया के खाते में दोनों इंद्रपाल की राशि चली गई। राशि खाते में आने के बाद विनीता और उनके पति इंद्रपाल अगरिया ने यह मानकर घर का निर्माण शुरू कर दिया कि दोनों को ही योजना का लाभ मिला है।
इंद्रपाल कवर को बाद में हुआ खुलासा, इंद्रपाल कवर ने क्या कहा 👇🏻
वर्ष 2024 में रोजगार सहायक ने इंद्रपाल कवर से कहा कि उनके खाते में पैसा आ चुका है, जिस पर उन्होंने बिना बैंक चेक कराए घर का निर्माण शुरू कर दिया। बाद में जियो-टैगिंग के दौरान जब लोकेशन अगरिया परिवार के घर पर दिखने लगी, तब असलियत सामने आई। इंद्रपाल कवर ने अपनी निजी राशि से निर्माण शुरू किया था, लेकिन जब आगे धन की आवश्यकता पड़ी और बैंक में जानकारी ली, तब यह गड़बड़ी खुली। वही इंद्रपाल कवर का कहना है कि शासन ने जिस उद्देश्य से राशि मुझे दी है वह मिलनी चाहिए जैसे तैसे कर्ज लेकर मैंने घर तो बना लिया है आगे भी मेरा घर पूर्ण करूंगा ही अगर आवास कि राशि मुझे प्राप्त हो पाती।
प्रशासनिक दबाव और विवाद, सीईओ ने कहा विनीता पर कोई दबाव नहीं है, सोशल मिडिया कि खबरें बेबुनियाद👇🏻👇🏻👇🏻
मामले के उजागर होने पर प्रशासन ने विनीता अगरिया को इंद्रपाल कवर की राशि लौटाने के लिए कहा। लेकिन विनीता का कहना है कि उन्होंने राशि का दुरुपयोग नहीं किया, बल्कि पीएम आवास का ही निर्माण कराया। इस बीच सोशल मीडिया पर यह चर्चा फैल गई कि सीईओ द्वारा विनीता पर जमीन बेचकर राशि लौटाने का दबाव बनाया जा रहा है। जनपद पंचायत सीईओ जयप्रकाश डडसेना ने सोशल मीडिया की इन खबरों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि न तो बलपूर्वक और न ही धमकाकर पैसे मांगे जा रहे हैं, बल्कि केवल समझाइश दी जा रही है कि इंद्रपाल कवर की राशि लौटाई जाए। सीईओ ने स्पष्ट किया कि यह कर्मचारियों की गलती है और जांच जारी है। दोषियों पर निश्चित रूप से कार्रवाई होगी क्योंकि सरकारी राशि पात्र हितग्राहियों तक पहुंचनी जरूरी है। फिलहाल अब देखना होगा कि प्रसासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है हालांकि ग्राम स्तर पर सरपंच, उप सरपंच व वरिष्ठ लोगो के माध्यम से पीड़ित विनीता व हितग्राही इंद्रपाल कवर के विषय में समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

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