रानीअटारी–विजय वेस्ट खदान में मजदूरों का शोषण, ठेकेदार पर गंभीर आरोप, आधी राशि ढकार रहे जिम्मेदार
रिपोर्ट:- नानक राजपुत
रानीअटारी–विजय वेस्ट भूमिगत खदान में मजदूरों के शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार यहां कार्यरत ठेकेदार परमानंद कुमार, निवासी क्वार्टर नंबर 510, वार्ड नंबर 6, जमुना कालरी, जिला अनूपपुर (म.प्र.) जो कि लंबे समय से कम्पनी के मेन पावर मे लेबर सप्लाई का कार्य करते हैं।
मजदूरों ने आरोप लगाया है कि जून 2025 में ठेकेदार द्वारा उनके बैंक खातों में प्रति हाजिरी 1316 रुपये की दर से मजदूरी राशि जमा की गई, लेकिन बाद में पेटी ठेकेदार व साइड मुंशी के माध्यम से जबरन 658 रुपये प्रति हाजिरी वापस ले लिए गए। सुरक्षा उपकरणों को लेकर भी ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप है। मजदूरों के अनुसार साल में केवल एक बार ड्रेस, टोपी और जूते (गंबूट) उपलब्ध कराए जाते हैं। काम के दौरान यदि ये खराब हो जाएं तो मजदूरों को अपने खर्च पर बाजार से खरीदना पड़ता है।
मजदूरों का कहना है कि यह समस्या वर्षों से जारी है, क्योंकि इसमें कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर राकेश मिश्रा और बिलिंग सेक्शन के कर्मचारियों का संरक्षण ठेकेदार को प्राप्त है। जनपद सदस्य संतोष मराबी द्वारा जब इस संबंध में ठेकेदार से पूछताछ की गई तो उसने स्वीकार किया कि मजदूरों से वसूली गई राशि ऊपर के अधिकारियों तक पहुंचाई जाती है। मामले मे भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रताप मरावी, जनपद सदस्य संतोष मरावी एवं अड़सरा पंचायत के सरपंच धाजवान सिंह आयाम ने कड़ी निंदा कि है कहा कि मजदूरों का शोषण बर्दास्त नहीं किया जायेगा। मजदूरों का कहना है कि जो मजदूर अपनी आधी मजदूरी वापस देने से इंकार करते हैं, उन्हें काम से हटा दिया जाता है और मानसिक रूप से प्रताड़ित भी किया जाता है। इस मामले पर संबंधित पक्ष ने कंपनी से 15 दिनों के भीतर जांच कर स्पष्ट मंशा बताने की मांग की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि कार्रवाई नहीं होती तो यह माना जाएगा कि ठेकेदार को कंपनी का संरक्षण प्राप्त है और मजदूरों का खुलेआम शोषण जारी रहेगा।

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