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छह दिन से अंधेरे में डूबा चोटिया क्षेत्र, तूफान से गिरे पेड़ बने मुसीबत, विभाग की लापरवाही से ग्रामीण बेहाल

छह दिन से अंधेरे में डूबा चोटिया क्षेत्र, तूफान से गिरे पेड़ बने मुसीबत, विभाग की लापरवाही से ग्रामीण बेहाल

पोड़ी उपरोड़ा — विकासखंड के चोटिया क्षेत्र सहित आसपास के लगभग 15 से 20 गांव बीते छह दिनों से बिजली संकट से जूझ रहे हैं। बीते दिनों आई तेज आंधी और तूफान के चलते कई बड़े पेड़ हाई टेंशन बिजली लाइन पर गिर गए, जिससे विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई। इससे पूरे क्षेत्र में अंधेरा पसरा हुआ है और भीषण गर्मी में लोगों का जीवन दूभर हो गया है।

जानकारी के अनुसार, आंधी-तूफान के दौरान जिन पेड़ों की शाखाएं बिजली तारों पर गिरीं, उनकी समय रहते छंटाई नहीं की गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बिजली विभाग समय रहते हाई टेंशन तारों के आसपास की झाड़ियों और पेड़ों की कटाई-छंटाई करता, तो यह स्थिति पैदा नहीं होती। विभाग की यह अनदेखी अब आम जनता पर भारी पड़ रही है।

हालांकि बिजली विभाग के कर्मचारी ग्रामीणों की मदद से लगातार मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं, लेकिन क्षेत्र में बिजली आपूर्ति अब तक बहाल नहीं हो सकी है। रोजमर्रा के कार्यों से लेकर मोबाइल चार्जिंग, बच्चों की पढ़ाई और आवश्यक घरेलू उपकरण सभी प्रभावित हो गए हैं। सबसे अधिक समस्या वृद्धजनों, बच्चों और मरीजों को हो रही है, जो तेज गर्मी और उमस में अत्यधिक परेशान हैं।

ग्रामीणों ने जताई नाराज़गी

ग्रामीणों ने बताया कि बिजली गुल होने के कारण दिन में पंखे और रात में रोशनी के साधन न होने से उनका जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई लोगों को पीने के पानी की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि पानी की मोटरें भी बंद पड़ी हैं।

स्थानीय निवासी गोरेलाल साहू ने कहा, "इतने दिन बीत गए लेकिन अब तक बिजली बहाल नहीं हुई। अधिकारी सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं। अगर पहले से ही पेड़ों की छंटाई कर दी जाती, तो यह नौबत नहीं आती।"इस पूरे घटनाक्रम में प्रशासन की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है। आमजन बिजली संकट से परेशान हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस वैकल्पिक व्यवस्था या राहत की पहल नहीं की गई है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द से जल्द विद्युत आपूर्ति बहाल हो और विभाग भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचाव के लिए पुख्ता इंतजाम करे।

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