हाथी के हमले में ग्रामीण की मौत, सूचना के बावजूद देर रात तक नहीं पहुंचे जिम्मेदार व वनकर्मी, ग्रामीणों में आक्रोश
चोटिया / बनिया:- बनिया ग्राम के बसतीपारा मोहल्ले में गुरुवार की शाम एक दर्दनाक हादसे में हाथी के कुचलने से लगभग 35 वर्षीय ग्रामीण तीजराम निर्मलकर की मौके पर ही मौत हो गई। घटना शाम लगभग 7 बजे की है, जब तीजराम अपने एक साथी के साथ दूसरे मोहल्ले से लौट रहे थे। अंधेरा होने की वजह से उन्हें रास्ते में मौजूद हाथी नजर नहीं आया, और अचानक हाथी ने हमला कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, सबसे पहले हाथी ने तीजराम के साथी का पीछा किया, जो किसी तरह भागने में सफल रहा। लेकिन तीजराम भाग नहीं सके और हाथी ने उन्हें बेरहमी से कुचल कर मौत के घाट उतार दिया। घटना से गांव में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना के बावजूद नहीं पहुंचे वनकर्मी, रात 12 बजे तक कोई पंचनामा नहीं।
घटना की सूचना ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को दी। बताया गया कि वन अमले को शाम 7:30 से 8 बजे के बीच फोन कर सूचना दी गई। लेकिन कई घंटे बीत जाने के बाद भी रात 12 बजे तक एक भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के कर्मचारी केवल आश्वासन देते रहे कि “आ रहे हैं, कोरबी चौकी पुलिस को सूचित कर रहे हैं”, लेकिन मौके पर कोई नहीं पहुँचा। इस लापरवाही से ग्रामीणों में भारी रोष है। मृतक का शव घटनास्थल पर ही पड़ा रहा और परिजन रो-रो कर बेहाल हो गए, लेकिन उन्हें ढाढ़स बंधाने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी वहां नहीं पहुंचा।
"अगर हाथी मरता, पूरा अमला मौके पर होता": सरपंच
बनिया ग्राम के सरपंच मानसिंह ने विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा, अगर किसी कारणवश हाथी की मौत होती, तो बीट गार्ड से लेकर डिवीजनल अफसर तक मौके पर पहुंच जाते, लेकिन एक गरीब ग्रामीण की मौत पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जाती। यह दोहरी मानसिकता अब बर्दाश्त के बाहर है।” हादसे के बाद गांव में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि हाथी अब भी आसपास के क्षेत्र में घूम रहे हैं। डर के कारण ग्रामीण रातभर जागकर पहरा दे रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक वन विभाग पूरी तरह से सुरक्षा और निगरानी का इंतजाम नहीं करता, तब तक चैन की नींद नहीं सो सकते।

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