कोरबा में नए आपराधिक कानूनों पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन
कोरबा:- कलेक्टर कार्यालय स्थित ऑडिटोरियम में भारतीय न्याय व्यवस्था के नए आयामों पर केंद्रित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य भारतीय न्याय संहिता 2023 (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 (BNSS) एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 (BSA) के नवीन प्रावधानों को विवेचकों तक पहुंचाना एवं उनके व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा करना रहा।
कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतीश ठाकुर के मार्गदर्शन में जिले के 131 विवेचक, जिनमें राजपत्रित एवं गैर-राजपत्रित अधिकारी शामिल थे, ने सहभागिता दर्ज कराई। यह आयोजन पुलिस विभाग एवं न्यायिक अधिकारियों के बीच समन्वय को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास रहा।
न्यायिक विशेषज्ञों ने दी गहन जानकारी
कार्यक्रम में तीन अनुभवी न्यायिक अधिकारियों ने अलग-अलग विधायी विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
विशेष न्यायाधीश (NDPS एक्ट) गरिमा शर्मा ने BNSS के तहत गिरफ्तारी, जमानत एवं हिरासत संबंधी बदलावों पर प्रकाश डाला।
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) डॉ. ममता भोजवानी ने भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के नए स्वरूप और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भूमिका पर चर्चा की। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सीमा प्रताप चंद्रा ने BNS के तहत अपराधों की पुनर्परिभाषा, दंड में बदलाव और न्याय प्रक्रिया के सरलीकरण की व्याख्या की।
संवादात्मक सत्र रहा आकर्षण का केंद्र
कार्यशाला के अंतर्गत आयोजित संवादात्मक सत्र में विवेचकों ने अपनी जमीनी स्तर की चुनौतियों को प्रस्तुत किया, जिनका समाधान न्यायिक अधिकारियों द्वारा तत्क्षण प्रदान किया गया। इस सत्र ने व्यावहारिक जानकारी और सैद्धांतिक ज्ञान के बीच की खाई को पाटने में सहायक भूमिका निभाई। कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं व्यवहारिक बताया। इस तरह का आयोजन कानून प्रवर्तन एजेंसियों की क्षमता वृद्धि में मील का पत्थर सिद्ध हो सकता है।


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