चोटिया में महाविद्यालय की मांग, क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने विधायक के माध्यम से विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन
पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड में एक महाविद्यालय की मांग को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने विधानसभा अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा। कहा की यह क्षेत्र सुदूर वनांचल में स्थित है और मुख्य रूप से गरीब एवं आदिवासी बाहुल्य इलाका है। यहां के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि निकटतम दूरी पर कोई भी शासकीय या निजी महाविद्यालय संचालित नहीं है। उन्होंने बताया की पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड में कुल 114 ग्राम पंचायतें और 219 राजस्व ग्राम स्थित हैं। यहां पर हायर सेकंडरी स्तर की शिक्षा तो उपलब्ध है, लेकिन 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर शहरों की ओर जाना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर आदिवासी और ग्रामीण परिवारों के लिए यह संभव नहीं हो पाता, जिससे कई मेधावी छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं।
इस समस्या को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम के माध्यम से विधानसभा अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा, जिसमें चोटिया में एक शासकीय महाविद्यालय की स्थापना की मांग की गई। आदिवासी एवं गरीब तबके के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा युवतियों की शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि अधिकांश छात्राएँ घर से दूर जाकर पढ़ाई करने में असमर्थ होती हैं। इस मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाते हुए ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रमुख रूप से विधायक प्रतिनिधि कुलदीप सिंह मरकाम, जिला पंचायत सदस्य विद्वान सिंह मरकाम (क्र. 11), पूर्व सरपंच एवं विधायक प्रतिनिधि मनोहर श्रोते, सरपंच पोड़ी उपरोड़ा सहेत्तर सिंह राज, सरपंच मिसिया सुरेंद्र कुमार पावले, सरपंच लाद लाल बहादुर, सरपंच परला जवाहर सिंह, सरपंच घुचापुर, जनपद सदस्य प्रतिनिधि कोरबी दिनेश कुमार केराम, सरपंच प्रतिनिधि घुचापुर जगत पाल कुरूम, और धनसाय बिंझवार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
वही विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम ने ज्ञापन प्राप्त करने के बाद इस मांग को उचित स्तर पर उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार से बात कर इस मुद्दे को गंभीरता से रखा जाएगा ताकि क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का अवसर मिल सके। चोटिया में जनप्रतिनिधियों द्वारा शासकीय महाविद्यालय की उठाई गई यह मांग यदि पूरी होती है, तो यह ग्रामीण और आदिवासी समुदाय के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि होगी। अब देखना यह होगा कि सरकार इस मांग पर कब और कितना सकारात्मक निर्णय लेती है।


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