2 साल से आवास अधूरा, क्या राशि आहरण कर ली गई, 90 वर्षीय महिला कि दो साल पहले हुई थी पीएम आवास कि स्वीकृति, लेकिन अधूरा मकान।
रिपोर्ट :- नानक राजपुत
जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा मे प्रधानमंत्री आवास योजना मजाक बनती जा रही है। योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों के लिए पक्का आवास बनाया जाए ताकि लोग अपनी झुग्गी से बाहर निकल सके पक्के भवन में स्वच्छता के साथ रह सके लेकिन योजना का उद्देश्य सफल होता नजर नहीं आ रहा है। पोड़ी उपरोड़ा जनपद पंचायत क्षेत्र इस योजना को मजाक बना कर रख दिया।
ग्राम पंचायत मड़ई का आश्रित गांव कटमोरगा में निवासरत 90 वर्षीय महिला मथनकुंवर का अधूरा आवास पड़ा हैं दिवार महज बनाकर राशि नहीं भेजि गइ, जबकि फर्जीवाडां रोकने के लिए सरकार द्वारा स्थल निरीक्षण कर जियोटेग करने के बाद किस्त हितग्राही के खाते मे राशि भेजी जाती है। इसके बाद भी बिना बने ही पैसे निकल जाते हैं, ये बड़ी विडंबना है ग्राम पंचायत मड़ई कि मंथन कुंवर जो कि आवास कि राशि निकाल ली गई वही दो साल से दिवार तक ही कार्य हुआ है। जबकि मथनकुंवर ने ग्राम के सरपंच व सचिव कों अधूरे मकान के बारे मे अवगत कराया लेकिन ग्राम के प्रतिनिधि कों बुजुर्ग महिला के आवास कि कोई परवाह नहीं।
शिकायत आने पर छोड़ा नहीं जाएगा: सीईओ पोड़ी उपरोड़ा
इधर जनपद सीईओ खगेश कुमार निर्मलकर के द्वारा आवास कों लेकर कोताही बतरने वालो पर कठोर से कठोर कार्यवाही कि जाती है जहाँ आवास नहीं बनाये जाने या आवास योजना मे राशि कि गड़बड़ी कि बात सामने आने पर कार्यालय बुलाकर फटकार भी लगाया जाता है सीईओ ने कहा कि बिलकुल इस विषय पर जांच कराई जाएगी और मथनकुंवर के आवास किस वजह से अधूरी है जांच करा कर वैधानिक कर्यवाही कि जायेगी। सीईओ ने कहा कि हर बार संबंधित कर्मचारियों कों हिदायत दी जाती है कि आवास का कार्य समक्ष होकर करें लापरवाही और शिकायत आने पर छोडा़ नहीं जाएगा और लगातार कार्यवाही हो भी रहि है।
दरसल सरकार द्वारा निर्देशित स्थल निरीक्षण कर जियोटेग करने का है प्रावधान, इसके बाद भी बिना बने ही पैसे निकल जाते हैं फिलहाल मथन कुंवर का मकान आज तक क्यों नहीं बना यह जांच का विषय है अब देखना होगा कि आवास पूर्ण कराने वाले दावे कितने सच होते हैं।

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