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पत्थलगांव : शासकीय जमीनों पर कब्जे की बाढ़ शहर में अस्थाई के साथ हो रहा अवैध पक्का निर्माण,रोकने में प्रशासन नाकाम अतिक्रमण की भेंट चढ़ रही शासन की बेशकीमती जमीन शिकायत के बाद भी नहीं होती कार्यवाही

 पत्थलगांव । शहर में अतिक्रमणकारियों के हौसले सातवें आसमान पर हैं। अतिक्रमणकारियों द्वारा बेखौफ शासन की बेशकीमती जमीनों पर कब्जा किया जा रहा है और प्रशासन आंखें मूंदे बैठी है। उधर लगातार हो रहे अतिक्रमण की वजह से शहर की सड़कें संकरी होती जा रही हैं। आलम यह है कि लोगों का सड़क पर चलना दूभर होता जा रहा है और लोग अपनी जान हथेली पर लेकर चलने को मजबूर हैं।उल्लेखनीय है कि शहरीकरण के साथ ही यहां जमीनों की कीमतें भी बेतहाशा बढ़ गई हैं। इसे देखते हुए शहर में शासकीय जमीनों पर कब्जे की बाढ़ आ गई है। लोग शहर के बीचों बीच प्रशासन की नाक के नीचे शासकीय जमीनों पर कब्जा करने में जुटे हैं। कहीं अस्थाई कब्जे हैं तो कई जगहों पर अतिक्रमणकारियों द्वारा बेखौफ होकर शासकीय जमीनों पर पक्का कब्जा किया जा रहा है। 



शहर के रायगढ़ रोड,अंबिकापुर रोड और जशपुर रोड समेत तीनों मुख्य मार्ग अवैध कब्जे की चपेट में हैं। कहीं दुकान बन रहे हैं तो कहीं मकान परंतु प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है। ऐसा नहीं है कि प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं हो। सड़कों के किनारे हो रहे अतिक्रमण के सामने से होकर प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी दिन रात आना जाना करते हैं परंतु उनकी नजर इस ओर नहीं जाती। और तो और सीधी - सीधी शिकायत के बावजूद प्रशासन कार्यवाही नहीं करता। कहीं कार्यवाही की भी जाती है तो केवल आर आई और पटवारी को भेजकर अपने कर्तव्य की इति श्री कर ली जाती है और इन कर्मचारियों की शहर के रसूखदार लोगों के सामने एक नहीं चल पाती। जिससे अतिक्रमणकारियों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं। गौरतलब है कि हाल ही में जनपद कार्यालय के बगल में हो रहे अस्थाई अतिक्रमण को रोक पाने में भी आर आई और पटवारी नाकाम रहे थे और मीडिया के दबाव में एसडीएम को खुद यहां आना पड़ा था तब कहीं जाकर इसे रोका जा सका था। परंतु इस एक मामले को छोड़ देें तो अन्य सभी अतिक्रमण पर चाहे वह अस्थाई हो या फिर पक्का अवैध निर्माण ही क्यों न हो रह हो प्रशासन मौन ही दिखाई देता है। उधर प्रशासन के इस रवैये का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। 


ज्ञात हो कि ज्यादातर अतिक्रमण सड़कों के किनारे हो रहे हैं जिससे शहर की सड़कें संकरी होती जा रही हैं। ऐसे में लोगों का सड़क पर चलना मुश्किल होता जा रहा है। अतिक्रमण की वजह से सड़कों पर प्रतिदिन जाम की स्थिति बनी रहती है जिससे पार पाना लोगों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। वहीं इससे आए दिन सड़कों पर दुर्घटनाएं भी हो रही हैं, जिनमें लोग घायल हो रहे हैं। आलम यह है कि हाल ही में कई लोग इसका शिकार हुए हैं परंतु प्रशासन की नींद इसके बाद भी नहीं खुल रही है। 


कैसे पूरी होंगी मुख्यमंत्री की घोषणाएं–


उल्लेखनीय है कि हाल ही में स्व दिलीप सिंह जूदेव की पुण्यतिथि पर किलकिला धाम में आयोजित संत समागम महासम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शहर को नगर पालिका का दर्जा देने के साथ ही शहर के तीनों प्रमुख मार्गों पर गौरव पथ बनाए जाने की घोषणा की है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि अतिक्रमणकारियों के द्वारा शासकीय जमीनों पर अवैध रूप से पक्का निर्माण कर लेने के बाद जमीन ही कहां बचेगी जिस पर गौरव पथ जैसी चौड़ी सड़क का निर्माण कराया जा सकेगा। ऐसे में घोषणा के अमल में आने से पहले ही मुख्यमंत्री की घोषणा के पूरा होने पर सवालिया निशान लग गए हैं।

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