रिपोर्ट :- नानक राजपुत
जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर स्थित पोड़ी विकास खंड के ग्राम घुमानीडांड मे अचानक कुछ लोगो कि तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई, देखते ही देखते बच्चे, बुजुर्ग, महिला सभी उल्टी और दस्त का शिकार होते गए, कुछ दिन पहले एक बुजुर्ग महिला कि मौत भी हो गई वही आधा दर्जन से अधिक ग्रामीण जटगा व पोड़ी समुदाई स्वास्थ्य केंद्र मे भर्ती हैँ वही स्वास्थ्य विभाग के द्वारा लगातार केम्प लगाने वाले दावे फेल होते नजर आये।
पोड़ी विकास खंड का घुमानीडांड ग्राम पंचायत जिसका आश्रित मोहल्ला धनुहार पारा पिछले चार दिनों से उलटी दस्त कि बीमारी से जूझ रहा है, अचानक आये इस बिमारी ने सभी को चिंता मे डाल दिया क्युकी इस बिमारी का संक्रमण धीरे धीरे पुरे मोहल्ले मे फैलने लगा है आधा दर्जन से अधिक लोग उलटी दस्त का शिकार हो चुके हैं जिनका इलाज पोड़ी समुदाईक स्वास्थ्य केंद्र व जटगा मे चल रहा है, ग्रामीणों ने बताया कि इस बिमारी से कुछ दिन पहले ही बुजुर्ग महिला कि मौत हुई है वही एक ग्रामीण ने अपने बेटे को भी बीती रात अस्पताल मे दाखिल कराया गया, ग्रामीण ने बताया कि बेटे कि हालात काफी नाजुक थी जिसे अस्पताल ले जाने के लिए शासकीय वाहन बुलाया गया लेकिन वाहन कि व्यवस्था नहीं हुई फिर तत्काल निजी वाहन बुकिंग कर बेटे को भर्ती कराया गया वही ग्रामीण शासन से अच्छी इलाज कि गुहार लगा रहे।
बीती रात एक व्यक्ति समेत एक बच्चा कि हालात हुई गंभीर : बीजी इवेंट के वजह से नहीं मिला 108 वाहन का लाभ, निजी वाहन आये अस्पताल।
अस्पताल मे भर्ती मरीज ने बताया कि उसके गांव घुमानी डांड के धनुहार मोहल्ले मे 4 दिनों से उलटी दस्त कि बीमारी पसरी हुई है जो धीरे धीरे करके फैलती जा रही उसी का प्रभाव है कि आज पूरा परिवार अस्पताल मे भर्ती हैं उन्होंने बताया कि उसकी व उसके बच्चे कि हालात रात मे काफी बिगड़ने लगी जहाँ 108 वाहन को काल भी किया लेकिन उनका लाभ नहीं मिल पाया वही व्यक्ति ने निजी वाहन व्यवस्था कर अस्पताल पंहुचा उसके बाद उपचार सुरु हुआ।
कुछ दिन पहके एक महिला कि हुई मौत। एक कि हालत नाजुक
ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिन पहले ही एक बुजुर्ग महिला कि मौत हुई थी उस महिला को भी उलटी दस्त कि बिमारी थी हलाकि उस महिला का उम्र काफ़ी अधिक था लेकिन बुजुर्ग महिला भी इसी बिमारी कि शिकार थी, वही एक बच्चा जिसे जटगा अस्पताल मे दाखिल कराया गया है जिसकी हालात काफी नाजुक है बच्चे को भी वही बिमारी उलटी दस्त कि शिकायत है जिसका उपचार किया जा रहा वही ग्रामीणों ने इस भयानक बीमारी को हैजा का नाम दिया क्युकी हैजा का भी लक्षण इसी बिमारी को दर्शाता है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक वायरल फीवर लूजमोशन, लेकिन कुछ लोग इसे हैजा कि बता रहे।
घुमानीडांड मे जिस तरह कि बातें सामने आ रहि लोग बीमार पड़ रहे वही उलटी दस्त से उनकी हालात और नाजुक होती जा रहि वही स्वाथ्य विभाग इसे महज लूज मोसन व वाइरल फीवर का नाम ले रहा, लेकिन ग्रामीन जो इस बीमारी का शिकार हुए हैं वे इस गंभीर समस्या से अनजान हैं कि वे कितनी भयानक बिमारी के शिकंजे मे फसे हुए हैं, जबकि ऐसे मामले आने के बाद स्वास्थ्य विभाग को उस क्षेत्र मे केम्प लगाकर मोहल्ले वासियों के हर एक व्यक्तियों का परीक्षण करना चाहिए वही उक्त महल्ले को सील कर उन्हें तमाम सुविधाएं मुहैया करानी चाहिए लेकिन ऐसा कुछ नहीं यहां तक स्वास्थ्य विभाग गंभीर बिमारी को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहा, जिसका खामियाजा ग्रामीण को भुगतना पड़ रहा ग्रामीण वही ग्रामीण प्रसासन से निवेदन कर रहे कि उनका अच्छा इलाज हो अच्छी सुविधा मिले।


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