रिपोर्ट :- नानक राजपुत
पोड़ी उपरोड़ा विकास खंड के अधिकतर ग्रामीण व किसान हाथी से हो रहे नुकसान को लेकर काफी चिंतित हैं जान का खतरा के साथ जीवन तो जी रहे है वही उनकी आमदनी का रास्ता फसलों को भी हाथी बर्बाद कर रहे हैं लेकिन विभाग किसानो के नुकसान के अनुरूप उन्हें सही मुवावजा राशि नहीं दे रहि जिससे किसान प्रसासन से काफ़ी आक्रोश हैं तमाम मुद्दों के विषय मे आज क्षेत्र के सभी किसान चोटिया मे एकत्रित होकर जनआंदोलन किये।
67 ग्रामो के किसानो ने किया आंदोलन, हजारों कि संख्या मे उमड़ी भीड़
कोरबा जिले के चोटिया ग्राम मे हुए आंदोलन मे 67 गांव के ग्रामीण शामिल हुये जिनकी संख्या हजारों मे रहि, दरसल ये ग्रामीण पिछले कई वर्षो से हाथी के आतंक का शिकार हो रहे जिसमे कितनो कि जाने चली गई हजारों एकड़ कि फसले बर्बाद हो गई लेकिन विभाग प्रसासन मुकदर्शक बनकर सहयोग के नाम पर महज लीपापोती कर रहि जिससे नाराज आक्रोषित ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन का फैसला लिया
आंदोलन के दौरान 8 बिन्दुओ पर रखी मांगे
किसानो ने ज्ञापन मे निम्न बिन्दुओ पर मांग रखी है जैसे कि हाथियों को रिजर्व एरिया मे रखा जाये, प्रत्येक गांव मे पावर झटका तार किसानो के लिए व्यवस्था किया जाये, फसल क्षति राशि बढाकर 1 लाख 50 हजार प्रति हेक्टेयर कि जाये, विद्युति करण कि व्यवस्था सुदृढ़ कर सोलर लाइट मुहैया कराई जाये, मुवावजा प्रकरण मे हो रहे धांधली कि जांच कर पात्र किसानों का प्रकरण जल्द से जल्द बनाई जाये, हाथी प्रभावित क्षेत्रो मे जिला व संभाग स्तर के अधिकारियो का दौरा सुनिश्चित होनी चाहिए ताकि जमीनी हकीकत व परेशानीयों से वे भी रूबरु होते रहे, बेजा कब्ज़ा मे काबिज फसल कि क्षति पूर्ति व काबिज आवासो कि क्षति पूर्ति प्रकारण बनाई जाए और जनहानि व पशु हानि कि राशि मे भी वृद्धि कि जाए, इन तमाम समस्यायों को किसानो ने ज्ञापन के माध्यम से प्रसासन को अवगत कराया।
लगभग 6 घंटो तक चला आंदोलन वही प्रशासन ने 15 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान करने कही बात
काफ़ी लम्बे समय तक आंदोलन चलता रहा जहाँ नयाब तहसीलदार सुमन दास मानिकपुरी ने उक्त मांगो को उच्च स्तर तक पहुँचाने कि बात कहते हुए मामला शांत करने कि अपील कि, विभाग व प्रशासन के अस्वासन के बाद ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन शांत हुआ नयाब तहसीलदार सुमन दास मानिकपुरी ने कहा कि 15 दिनों का किसानों से समय माँगा गया है जहाँ उक्त समयाअवधि तक किसानो कि समस्याओं का समाधान किया जायेगा, जो स्थानीय प्रशासन स्तर तक समाधान हो सकता है वो हम करेंगे और जो बड़े स्तर का समस्या है उस मामले को शासन तक ले जायेंगे, वही नयाब तहसीलदार ने ग्रामीणों से चर्चा के दौरान कहा कि वह खुद भी एक किसान के बेटे हैं किसानो कि परिस्थिति को भली भांति जानते हैं कुछ हद तक किसानो कि मांगे जायज है लेकिन शासन से निर्धारित राशि प्रकरण या निर्धारित नियम हैं जिनके अनुरूप चलना हमारी मजबूरी हो जाती है मामले मे आश्वासन देते हुए तहसीलदार ने शांति व्यवस्था बनाये रखने के साथ किसानो कि समस्या का समाधान करने कि बात कही।
वन विभाग रेंजर दुबे सवालों के घेरे मे कहा कि उक्त मांगो को उच्च अधिकारियो तक रखी जाएगी बात
केंदइ रेंजर अभिषेक दुबे ने मिडिया से चर्चा के दौरान कहा कि प्रसासन से उपलब्ध सभी सुविधाएं किसानो को दी जाती हैं किसानो कि मांगे मुवावजे मे बढ़ोतरी को लेकर है जीस संबंध मे अधिकारीयों को बताया गया है वही रेंजर ने कहा कि हाथीयों का आगमन 2017 मे हुआ है इससे पहले निवास करते थे फिर चले जाते हैं लेकिन 2017 मे बाद लगातार हाथी यही डेरा जमा लिए हैं, लेकिन ग्रामीणों ने रेंजर को घेर कर सवाल पर सवाल करने लगे उन तमाम आहत किसान जो हाथी के प्रभाव से परेशान हैं सभी ने वन विभाग पर अपना आक्रोश जताया कहा कि समय पर वन विभाग मौजूद नहीं रहते ना ही समय पर मुवावजा दिया जाता है वही मुवावजा भी बराबर नहीं दिया जाता मुवावजा राशि मे भी गड़बड़ी कि जाती है पात्र किसानो को राशि कम दी जाती है वही जिनका विभाग से सम्पर्क होता है उन्हें राशि अधिक दी जाती है। किसानो ने ये भी आरोप लगाया कि वन विभाग के कर्मचारी साठ गांठ कर अपने परिचित के किसानो का अधिक मुवावजा राशि बनाया जाता जाता बाद मे उक्त राशि को कर्मचारी के साथ बाट लिया जाता है, फिलहाल उन सारे मुद्दों को लेकर किसानों मे आक्रोशीत निगाहे झलक रहि थी जिसे किसान संबंधित अधिकारीयों सामने अपना दर्द बाहर निकाल रहे थे। वही पत्रकारों ने रेंजर से सवाल किया समस्याओं का समाधान आखिर क्यों नहीं हो रहा किसानो को आंदोलन करने कि जरूरत क्यों पड़ रहि जहाँ अधिकारियो ने क्या प्रतिक्रिया दी किसानो कि मांगे जायज है उनकी मांगो को उच्च अधिकारियो तक पहुंचाया जाएगा।

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