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600 लीटर से अधिक कच्ची शराब जप्त 9 लोग गिरफ्तार, पतरापाली मे 75% घरो मे बनया जाता है शराब, मुखबिर कि सुचना पर कटघोरा पुलिस व अबकारी विभाग कि बड़ी कार्यवाही।

रिपोर्ट :- नानक राजपुत



कटघोरा थाना अंतर्गत ग्राम पतरापाली मे बीते कई वर्षो से भारी मात्रा मे कच्ची महुआ शराब बनाई जा रहि थी, पतरापाली मे प्रायह 75% घरो मे महुआ शराब बनाया व बिक्री किया जाता है, जिसके संबंध मे कटघोरा पुलिस को सुचना मिली जहाँ कटघोरा पुलिस ने टीम गठित कर बड़ी कार्यवाही करने कि योजना बनाई जहाँ जिला अबकारी विभाग व कटघोरा पुलिस ने सुबह दल बल के साथ ग्राम पतरापाली पहुंची, पतरापाली पहुंचते ही ताबड़तोड़ कार्यवाही करनी शुरू कि गई इस दौरान पुरे मोहल्ले मे हड़कंप मच गया, पुलिस को देखते ही शराबि व मोहल्ले वासी इधर उधर भागने लगे जहाँ संदेहियो को पकडकर पूछताछ भी कि गई, आबकारी व पुलिस कि टीम ने ही अलग अलग जगह पर दबीस दी सभी के घर तलाशें जहाँ आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर भट्ठी चढ़ी हुई पाई गई जिसमे से कच्ची शराब निकल रहि थी, मौके पर कई प्लास्टिक के डिब्बो मे भरकर महुआ भी बरामद हुआ, सभी डिब्बे व भट्ठी को पुलिस ने ध्वस्त करते हुए ग्रामीणों को दोबारा शराब नहीं बनाने कि हीदायत दी गई, इस कार्यवाही में टीम को 600 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद हुई वही पुलिस ने 3400 किलो महुआ लाहन नष्ट किया साथ ही 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत धारा 34/1 (क, ख), 34 (2), 59 (क) के तहत कार्यवाही की गई, सयुंक्त कार्यवाही मे sdop पंकज ठाकुर, थाना प्रभारी धरमनारायण तिवारी व कटघोरा पुलिस स्टाफ, अभिषेक तिवारी ( प्रशिक्षु जिला आबकारी अधिकारी ), आशीष उप्पल ( आबकारी उप निरिक्षक ),  मुकेश पांडे ( आबकारी उप निरिक्षक ), सुकांत पांडे ( आबकारी उप निरिक्षक ), दीप माला नागदेव ( आबकारी उप निरिक्षक ), नारायण सिंह कवर ( आबकारी उप निरिक्षक ), जया मेहर ( आबकारी उप निरिक्षक ) व अबकारी टीम मौजूद रहे। 


कई वर्षो से चल रहा कच्ची शराब बिक्री का सम्राज्य, 3 वर्ष पूर्व अबकारी विभाग को बनाया गया था बंधक।

उस गांव मे बीते कई वर्षो से शराब बनाने व बिक्री करने का साम्राज्य चलते आ रहे है जानकारों का मानना है कि पिछले 25 वर्षो से यह कार्य कि जा रहि है पतरापाली मे लगभग 60 घर हैं जिसमे से 50 घरो मे शराब बनाई जाती है बताते हैं कि वह गांव सिर्फ शराब बनाने व व्यापार करने का काम करते है और किसी अन्य कार्य किये जाने कि कोसिस नहीं कि जाती, वज़ह यही है कि चोरी छिपे बिक्री कर मोटी कमाई का जरीया बना लिया गया है, मामले मे 3 वर्ष पूर्व अबकारी विभाग ने ग्राम पतरापाली मे दबीस दी गई थी, जहाँ गांव कि महिलाओ ने आबकारी विभाग को घेरकर बंधक बना लिया था उस दौरान कार्यवाही होने यह गांव बच गया था, बाद मे छोटी मोटी कार्यवाही कि जा रहि थी लेकिन शराब के सम्राज्य खत्म नहीं किया जा सका था। 



ग्रामीणों ने पुलिस को शराब बिक्री के समस्याओं से कराया था अवगत, टीम गठित कर हुई जबरदस्त कार्यवाही।

पतरापाली मे हो रहे शराब कि बिक्री तस्करी के मामले मे गांव के कुछ सज्जन लोग परेशान थे क्युकी शराबियों का 24 घंटे उक्त गांव मे डेरा जमा रहता था और विवाद भी होती थी जिसके चलते स्कूली बच्चों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, वही छोटे छोटे बच्चे भी शराब का सेवन मे संलिप्त होने लगे थे।

ग्रामीणों ने इस बड़ी कार्यवाही को लेकर सराहना व्यक्त किया

25 वर्षो से हो रहे शराब कि बिक्री पर बड़ी कार्यवाही को लेकर गांव के सज्जन व्यक्तियों ने सराहना व्यक्त किया कहा कि इस तरह कि कार्यवाही प्रत्येक सप्ताह होनी ही चाहिऐ ताकि शराब कि बिक्री पूरी तरह से खत्म हो सके क्युकी इस ग्राम के शराबी व विक्रेता सिर्फ इसी पर आश्रित हैं गांव के व्यक्ति बाहर काम करने नहीं जाते, इसलिए पुलिस द्वारा इस गांव मे लगातार कर्यवाही करना बहुत अनिवार्य है। 

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