रिपोर्ट :- नानक राजपुत
कोरबा जिला के पोड़ी उपरोड़ा विकास खंड मे पहले से ही अधिकतर पीडीएस दूकानो का बेलेंस गड़बड़ाया हुआ है वही प्रत्येक माह बहुत से ऐसे गांव हैं जहाँ सही समय पर हितग्राहियो कों राशन नहीं मिल रहा, हितग्राहि या तो दुकान के चक़्कर लगा रहे या तो अधिकारी से गुहार लगा रहे लेकिन भला उनकी बातें कौन सुनेगा, क्युकी जिम्मेदार अधिकारी ही मौन हैं जो समस्या का हल करते हैं, वही गरीबो के पेट मे डाका डाला जा रहा तो अब हितग्राहि किससे उम्मीद लगाए।
पीडीएस दुकान मे 35 किलो के बजाए 30 किलो हो रही वितरण, प्रत्येक हितग्राहियो के राशन 5 से 7 किलो हो रहे कम।
सलिहाभाठा उचित मूल्य कि दुकान मे आज बड़ी गड़बड़ी सामने आई जहाँ निर्धारित वजन से कम का राशन वितरण करने कि बात सामने आ रहि, ग्रामीणों ने बताया कि सलिहाभाठा पीडीएस दुकान मे वजन करके राशन तो दी जा रहि है लेकिन प्रत्येक कों 4 से 7 किलो कम राशन दिया जा रहा है, गौर करने वाली बात ऐ है कि पीडीएस दुकान कि काटा मशीन मे 35 kg दिखा रहि वही बाहर के निजी दुकानदारो के वजन काटा मे वही चावल 30 kg दिखा रहा और सचाई जानने के लिए हितग्राहियो ने पचरा के भी पीडीएस दुकान मे वजन कि तुलना कराई जहाँ उक्त निर्धारित वजन से 4-5 kg कम चावल कि गड़बड़ी बताई गई। वही ग्रामीणों ने इसका जमकर विरोध किया तब जाकर संचालक राशन देना बंद किया और वितरण किये गए राशन कों वापस लिया कहा कि काटा मशीन मे गड़बड़ी है तो इसे सुधार कर ही वितरण कि जायेगी।
आखिर गरीबो का पेट कौन मार रहा सवाल: विभाग ने कहा शासकीय काटा सही है, बाहर व्यपारियों का काटा गलत
इधर संचालक के द्वारा लगभग 80 ग्रामीणों कों राशन वितरण किया जा चूका है जबकि उन ग्रामीणों कों वजन मे कम राशन वितरण कि जानकारी ही नहीं, वही बीते दिनों राशन वितरण कि जा रहि थी तब लोगो कों वजन मे फर्क लगने लगा ज़ब बाहर वजन करवाया गया तो निर्धारित वजन से कम थी, ग्रामीणों ने इस पुखता करने के लिए पचरा सोसाइटी मे भी वजन कराया तो वहा भी कम ही वजन बताया, कुल मिलाकर सलिहाभाठा सोसाइटी मे बड़ा हेरफेर किया गया, ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग के अधिकारी मिली भगत कर राशन कम वितरण कर रहा है। वही संचालक ने कहा मशीन कों कुछ दिन पहले सुधार करवा कर लाया गया है वही वजन कम से बेखबर संचालक भी हैरान है संचालक ने खाद्य अधिकारी कों काल कर मामले कि जानकारी बताई वही खाद्य अधिकारी ने विभाग के मशीन सही है और बाहर के मशीन गलत हैं कहकर बोलने लगे, जबकि ग्रामीणों ने बताया कि विभाग के ही मशीन मे गड़बड़ी कि गई है बाहर व्यापारीयों के मशीन सही हैं।
इतने बड़े घपले होने के बाद अब ग्राम मे सरपंच सचिव उपसरपंच ने बैठक आहूत कि है और जितने ग्रामीणों कों कम राशन वितरण किया गया है उनकी भरपाई कैसे होगी ऐ योजना बनाई जा रहि है वही विभाग ने भी अस्वासन दिया कि कम राशन वितरण ग्रामीणों कों भरपाई कर दी जाएगी, हालांकि भरपाई कि बात तो काही जा रहि है लेकिन घपले कों लेकर पोल खुलने के बाद ही ऐ कदम उठाया जा रहा, अगर ऐ सच्चाई पता नहीं चलता तो यह महीना यूँ ही गुजर जाता और प्रत्येक ग्रामीण कम राशन मे ही इस महीना कों गुज़ार लेते।
अब देखना ऐ होगा कि मामले कि उजागर होने के बाद उच्च अधिकारी क्या कदम उठाते हैं।



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