Hot Posts

6/recent/ticker-posts

ktg news : खंभों पर जिंदगी दांव पर! पोंडी उपरोड़ा के राहा-मैनगढ़ी बिजली लाइन विस्तार में श्रमिकों की सुरक्षा पर बड़े सवाल, हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?

खंभों पर जिंदगी दांव पर! पोंडी उपरोड़ा के राहा-मैनगढ़ी बिजली लाइन विस्तार में श्रमिकों की सुरक्षा पर बड़े सवाल, हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?

कोरबा/पोंडी उपरोड़ा 3 अक्टूबर 2026 :  बिजली विस्तार के काम में विकास की रफ्तार के बीच श्रमिकों की सुरक्षा कितनी सुरक्षित है? कोरबा जिले के पोंडी उपरोड़ा ब्लॉक में राहा से मैनगढ़ी तक चल रहे बिजली लाइन विस्तार कार्य से सामने आई तस्वीरें इस सवाल को गंभीर बना रही हैं। पुराने और जर्जर बिजली खंभों को हटाकर नए खंभे लगाने के दौरान श्रमिकों के ऊंचाई पर काम करने के तरीके और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

तस्वीरों में श्रमिक बिजली के खंभों पर चढ़कर काम करते नजर आ रहे हैं। आरोप है कि इस दौरान उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए। हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, सुरक्षा जूते और ऊंचाई पर काम करने के लिए जरूरी अन्य सुरक्षा साधनों की उपलब्धता को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। यदि मौके पर सुरक्षा व्यवस्था वास्तव में मानकों के अनुरूप नहीं है, तो यह महज नियमों की अनदेखी नहीं बल्कि श्रमिकों की जान को जोखिम में डालने वाला मामला हो सकता है।

हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर खंभे पर काम करते समय कोई श्रमिक नीचे गिरता है या बिजली की चपेट में आता है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या प्रत्येक श्रमिक का पंजीयन कराया गया है? क्या उनका बीमा है? क्या कार्यस्थल पर दुर्घटना की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सुरक्षा और आपात व्यवस्था मौजूद है? इन सवालों के स्पष्ट जवाब सामने आना अभी बाकी हैं।

मुख्य ठेकेदार से लेकर सब-कॉन्ट्रेक्टर तक जिम्मेदारी किसकी?

जानकारी के मुताबिक बिजली विस्तार का काम जांजगीर-चांपा के सोमानी ग्रुप ऑफ कंपनी के माध्यम से कराया जाना था। वहीं मौके पर कार्य सब-कॉन्ट्रेक्टर सम्पूरन पटेल के माध्यम से कराए जाने की बात सामने आ रही है। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि विभागीय अनुबंध में सुरक्षा मानकों की जिम्मेदारी किसकी तय की गई है और मौके पर काम कर रहे श्रमिक किस एजेंसी के अधीन हैं।

यदि सब-कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से कार्य कराया जा रहा है, तो क्या संबंधित विभाग को इसकी जानकारी है? क्या सब-कॉन्ट्रेक्टर को निर्धारित शर्तों के तहत कार्य कराने की अनुमति है? और सबसे अहम क्या विभागीय अधिकारियों ने मौके पर श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था का भौतिक सत्यापन किया है?

अधिकारी बोले- सुरक्षा मानकों के तहत होना चाहिए काम

मामले को लेकर CSPDCL कोरबा के अधीक्षण अभियंता का कहना है कि कार्य सुरक्षा मानकों के तहत कराया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी करने की बात कही है।

लेकिन अब सवाल नोटिस से आगे का है। क्या अधिकारी मौके पर पहुंचकर यह जांच करेंगे कि श्रमिकों के पास आवश्यक सुरक्षा उपकरण हैं या नहीं? क्या श्रमिकों का पंजीयन और बीमा दस्तावेज जांचे जाएंगे? क्या मुख्य ठेकेदार और सब-कॉन्ट्रेक्टर की भूमिका की पड़ताल होगी? और यदि सुरक्षा मानकों में गंभीर कमी मिलती है, तो क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी? क्योंकि बिजली के खंभों पर काम करने वाले श्रमिकों के लिए एक छोटी-सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। ऐसे में विभागीय नोटिस के बजाय मौके पर वास्तविक सुरक्षा व्यवस्था की जांच और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक होना जरूरी है।



Post a Comment

0 Comments

Ad Code

Responsive Advertisement