पोड़ी उपरोड़ा : डीजे संचालकों की बैठक, नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
पोड़ी उपरोड़ा एसडीएम टी.आर. भारद्वाज ने डीजे संचालकों की बैठक लेकर ध्वनि प्रदूषण और उच्च न्यायालय के आदेशों के पालन को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्हीकल माउंटेड डीजे पर पूर्णत: प्रतिबंध रहेगा, बिना अनुमति चलाने पर उपकरण राजसात कर लिए जाएंगे।
एसडीएम ने चेतावनी दी कि कोलाहल नियंत्रण के लिए प्रशासन सख्त कदम उठाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। संचालकों से कहा गया कि आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संतुलित ध्वनि स्तर बनाए रखना आवश्यक है।प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि नियमों के पालन की नियमित जांच की जाएगी। बैठक में बांगो थाना प्रभारी दुर्गेश वर्मा समेत आसपास के ग्राम पंचायतों के डीजे संचालक और समिति सदस्य उपस्थित रहे।
प्रतिबंधन पर डीजे संचालकों में मायूसी
त्यौहारों के सीजन में जहाँ डीजे की धुनों पर जश्न का रंग चढ़ता है, वहीं प्रशासन की सख्ती ने डीजे संचालकों की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन का कहना है कि डीजे सिस्टम अक्सर तय सीमा से ज्यादा डेसिबल पर बजाए जाते हैं, जिससे सिर्फ लोगों की नींद और शांति भंग नहीं होती है बल्कि मरीजों, बुजुर्गों और विद्यार्थियों पर बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा, कई बार डीजे पर हुड़दंग और मारपीट की घटनाएँ भी सामने आती हैं। उच्च ध्वनि स्तर कान और दिल की बीमारियों के लिए भी खतरा साबित हो सकता है। इन्हीं सब कारणों को ध्यान में रखते हुए इस बार पुलिस और प्रशासन ने डीजे संचालन को लेकर कड़े नियम लागू किए हैं। त्यौहारों व सार्वजनिक आयोजनों में डीजे बजाने पर आंशिक या पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर उपकरण जब्त करने की कार्यवाही भी की जाएगी।
वहीं दूसरी ओर, डीजे संचालक प्रशासन के इस कदम से मायूस नज़र आ रहे हैं। उनका कहना है कि डीजे उनका मुख्य व्यवसाय है और इसी पर उनके परिवार की रोज़ी-रोटी टिकी हुई है। यदि पूरी तरह से पाबंदी लगाई जाती है तो उनके सामने रोज़गार का संकट खड़ा हो जाएगा। संचालकों का तर्क है कि यदि प्रशासन नियम-कायदों के तहत डीजे संचालन की अनुमति दे और ध्वनि स्तर नियंत्रित रखने की शर्तें तय करे तो समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।


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