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जनम प्रमाण पत्र के नाम पर रिश्वत मांगने वाली ANM नर्स सस्पेंड, पीड़ितों को मिला न्याय, भविष्य मेँ दोबारा ऐसी शिकायत ना हो: कलेक्टर।

जनम प्रमाण पत्र के नाम पर रिश्वत मांगने वाली ANM नर्स सस्पेंड, पीड़ितों को मिला न्याय, भविष्य मेँ दोबारा ऐसी शिकायत ना हो: कलेक्टर।

कोरबा / पोड़ी उपरोड़ा :- ग्राम मड़ई स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत एएनएम (ANM) नर्स सरस्वती रजक को जन्म प्रमाण पत्र और इलाज के नाम पर पैसे मांगने के मामले में जिला प्रशासन द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्यवाही उस समय की गई जब बंजारी गांव की निवासी अमीसा धनवार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने अपने बेटे का जन्म प्रमाण पत्र पाने के लिए दर-दर भटकने और रिश्वत मांगने की शिकायत को भावुक स्वर में उजागर किया।

वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया, कलेक्टर के निर्देशन में जांच टीम ने की कार्रवाई

अमीसा धनवार कि वाइरल वीडियो में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ANM सरस्वती रजक ने उनसे जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के बदले पैसे की मांग की थी। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही यह मामला मिडिया, जनप्रतिनिधियों से होते हुए कलेक्टर अजित वसंत तक पहुंचा। कलेक्टर ने इस गंभीर प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। कलेक्टर के आदेश पर SDM तुलाराम भारद्वाज के निर्देशन में नायब तहसीलदार सुमन दास मानिकपुरी को जांच सौंपी गई। नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे और उन्होंने पीड़िता अमीसा धनवार सहित अन्य ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। जांच में सामने आया कि ANM नर्स द्वारा वास्तव में लोगों से अवैध रूप से पैसे मांगे गए थे। ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से ANM सरस्वती रजक इस तरह की गतिविधियों में लिप्त रही हैं और ग्रामीणों को इलाज और शासकीय सुविधाएं देने के बदले पैसे की मांग करती रही हैं।

निलंबन की अनुशंसा पर त्वरित कार्रवाई, जनप्रतिनिधियों ने लिया स्थिति का जायजा

जांच रिपोर्ट को SDM द्वारा तुरंत कलेक्टर को प्रेषित किया गया, जिसके आधार पर कलेक्टर अजित वसंत ने ANM सरस्वती रजक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही इस मामले को स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में भी लाया गया है।

जनपद अध्यक्ष माधुरी देवी और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह ने भी पीड़ित अमीसा धनवार और अन्य ग्रामीणों से मुलाकात की और घटनास्थल का दौरा कर वस्तुस्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने प्रशासन को उचित और त्वरित कार्रवाई के लिए धन्यवाद दिया और आश्वासन दिया कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोबारा न हो, इसके लिए सख्त निगरानी की जाएगी। इस मामले मेँ बंजारी ग्राम के उप सरपंच पति विनोद उर्रे खुलकर सामने आये साथ ग्राम के सरपंच ने भी पीड़ितों क़ा पंचायत स्तर से हर सम्भव मदद किया। 

ग्रामीणों ने जताया प्रशासन का आभार, प्रशासन ने दिया कड़ा संदेश। 

ग्रामीणों ने इस कार्रवाई पर कलेक्टर अजित वसंत और SDM तुलाराम भारद्वाज का आभार व्यक्त किया क्युकी इस ANM कर्मचारी के खिलाफ ग्रामीणों की शिकायत पर इतनी त्वरित कार्रवाई हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि मेहनतकश ग्रामीण अक्सर अपने भोलेपन के कारण शासकीय सेवाओं के नाम पर लूट का शिकार होते हैं, लेकिन अब उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन की सख्ती से ऐसी घटनाएं नहीं दोहराई जाएंगी।

इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जिला प्रशासन भ्रष्टाचार और जनता के शोषण के विरुद्ध शून्य सहनशीलता की नीति अपना रहा है। यह मामला केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मिसाल नहीं है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि आम नागरिकों की आवाज़ यदि संगठित रूप में उठे तो प्रशासन को मजबूर किया जा सकता है कि वह जवाबदेही सुनिश्चित करे।


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