जनपद कार्यालय में आयोजित हुई सामान्य सभा, विकास कार्यों की हुई समीक्षा, कार्यों क़ा लिया गया जायजा।
आज जनपद कार्यालय पोड़ी उपरोड़ा में सामान्य सभा का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता जनपद अध्यक्ष श्रीमती माधुरी देवी द्वारा की गई, जिसमें जनपद के सभी जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, विधायक प्रतिनिधि, जनपद उपाध्यक्ष, तथा संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे। सभा का प्रारंभ जनपद अध्यक्ष उपाध्यक्ष द्वारा स्वागत भाषण एवं बैठक के उद्देश्यों के स्पष्ट विवरण से हुआ। इसके पश्चात विभागवार अधिकारियों को अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने हेतु आमंत्रित किया गया। प्रत्येक विभाग के अधिकारी ने विगत महीनों में किए गए कार्यों, चल रही परियोजनाओं, तथा भविष्य की योजनाओं की जानकारी सभा के समक्ष रखी।
इस दौरान यह देखा गया कि कुछ विभागों की कार्यप्रगति सराहनीय रही, वहीं कुछ विभाग ऐसे भी रहे, जिनकी रिपोर्ट असंतोषजनक पाई गई। इन विभागों के अधिकारियों से सख्त लहजे में जवाब तलब किया गया और कार्यों में सुधार लाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने जनता से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में विशेष रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा, जल आपूर्ति, सड़क मरम्मत एवं स्वच्छता अभियानों की स्थिति पर गंभीर चर्चा की गई।
सभी विभाग कि जानकारी दी गई वही क्रेड़ा विभाग द्वारा प्रस्तुत कार्यों की प्रगति रिपोर्ट पर जनप्रतिनिधियों ने गहरी नाराजगी जताई है। बैठक के दौरान विभाग द्वारा कई स्थानों पर अधूरे कार्यों को “पूर्ण” दिखाया गया, जिससे जनप्रतिनिधियों में असंतोष फैल गया। जनपद सदस्य अक्षय गर्ग ने विभाग की रिपोर्ट पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जामकछार कर्रा गांव में अभी तक कार्य नहीं हुई है, बावजूद इसके विभाग ने उसे पूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर जनता को गुमराह करने वाला मामला है और संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। वहीं जनपद उपाध्यक्ष प्रकाश चंद जाखड़ ने भी पसान क्षेत्र में कई स्थानों पर अधूरे कार्यों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि क्रेड़ा अधिकारी सिर्फ कार्यालय में बैठकर ठेकेदारों की रिपोर्ट पर भरोसा कर रहे हैं, जबकि ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने अधिकारियों को सुझाव दिया कि वे स्वयं गांव जाकर कार्यों का निरीक्षण करें, तभी सही जानकारी सामने आएगी और योजनाओं का सही क्रियान्वयन हो पाएगा।
जो अधिकारी बिना पूर्व सूचना के बैठक से अनुपस्थित रहे, उन्हें आगामी सामान्य सभा में पूर्ण तैयारी के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। साथ ही यह भी कहा गया कि अगली बार अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति दी जाएगी। सभा के अंत में उपाध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा भी अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए गए। बैठक में यह सुनिश्चित किया गया कि जनहित के कार्यों में तेजी लाई जाए और आम जनता को विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ प्राप्त हो।

0 Comments