2024-25 के नए आवासों की समीक्षा बैठक सम्पन्न, कलेक्टर अजित वसंत ने दिए सख्त निर्देश, आवास निर्माण मे लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी।
पोड़ी उपरोड़ा :- 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवासों की प्रगति की समीक्षा हेतु कलेक्टर अजित वसंत की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ सहित खंड के विभिन्न अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में बताया गया कि पोड़ी विकास खंड के 114 पंचायतों में कुल 20 नोडल अधिकारी, 62 आवास मित्र और 75 नियमित रोजगार सहायक कार्यरत हैं। शेष पंचायतों में डबल प्रभार के तहत रोजगार सहायकों की नियुक्ति की गई है।
कलेक्टर ने दिए निगरानी और सहयोग के निर्देश
कलेक्टर अजित वसंत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आवास निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग कर डेली प्रगति रिपोर्ट लेने के निर्देश दिए। साथ ही, आवास मित्रों को निर्माण की जांच सुनिश्चित करने और ग्राम सरपंचों से पूर्ण सहयोग प्राप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कलेक्टर ने विशेष रूप से बताया कि पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड में 80-90% आबादी आदिवासी है और वहीं सबसे अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं, क्योंकि वहाँ पक्के मकान की अधिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कमजोर और जरूरतमंद हितग्राहियों को विशेष मदद प्रदान की जाए और किसी भी स्तर पर शिकायत नहीं आनी चाहिए।
काम थोपने से निर्माण में देरी
जिला पंचायत सीईओ ने निर्माण कार्य में पिछड़ने के प्रमुख कारणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कई पंचायतों द्वारा हितग्राहियों पर काम थोपने की प्रवृत्ति देखी जा रही है, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि पंचायत स्तर से सहयोग मिले, तो आवास निर्माण के निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा किया जा सकता है।
वन-टू-वन चर्चा और समस्याओं की समीक्षा, 2-3 महीनों में आवास पूर्ण हों।
कलेक्टर ने सरपंचों, रोजगार सहायकों एवं आवास मित्रों से व्यक्तिगत रूप से चर्चा की और निर्माण के दौरान आने वाली समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान अनुपस्थित आवास मित्रों पर नाराजगी भी जताई गई। पानी की अनुपलब्धता को प्रमुख समस्या के रूप में चिन्हित किया गया, जिस पर कलेक्टर ने टैंकर व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने बताया कि केंद्र एवं राज्य सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी स्वीकृत आवासों का निर्माण कार्य आगामी 2 से 3 महीनों के भीतर पूर्ण किया जाए, ताकि पात्र हितग्राही बारिश के मौसम से पूर्व अपने पक्के मकानों में सुरक्षित जीवन बिता सकें।

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