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पंडो जनजातिय मे फैले चर्मरोग क़ा इलाज करने BMO दीपक सिंह समेत कई MBBS डाक्टर पहुचे अड़सरा। बीमारी की वजह विजय वेस्ट कोल खदान से निकलने वाला दूषित पानी: ग्रामीणों क़ा आरोप।

पंडो जनजातिय मे फैले चर्मरोग क़ा इलाज करने BMO दीपक सिंह समेत कई MBBS डाक्टर पहुचे अड़सरा। बीमारी की वजह विजय वेस्ट कोल खदान से निकलने वाला दूषित पानी: ग्रामीणों क़ा आरोप।

पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के अड़सरा ग्राम में पंडो जनजाति के लोगों के बीच एक चर्मरोग तेजी से फैल रहा है। इस बीमारी ने खास तौर पर बच्चों को ज्यादा अपने चपेट मे लिया है वही बुजुर्ग भी प्रभावित हो रहे हैं। खबर प्रकाशित होते ही जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पोड़ी उपरोड़ा के बीएमओ डॉ. दीपक सिंह के नेतृत्व में और एमबीबीएस डॉक्टरों व टीम ने गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया। डॉक्टरों की टीम जब मौके पर पहुंची तो उन्होंने देखा कि पूरा क्षेत्र काले पानी से भरा हुआ है और पंडो जनजाति इसी दूषित जल पर निर्भर है। डॉ. दीपक सिंह ने कहा कि इस पानी में कई हानिकारक तत्वों हो सकते हैं जिसके कारण ग्रामीणों में त्वचा संक्रमण फैल रहा है। मौके पर वीडियो ग्राफी भी की गई, जिसमें साफ देखा जा सकता है खदान से निकलने वाला यह प्रदूषित पानी पूरे जंगल क्षेत्र में बह रहा है।

गांव में गंभीर जल संकट, क्या प्रसासन व कोयला खदान प्रबंधन शुद्ध पेय जल आपूर्ति करेंगे।

गांव में जल संकट इतना गहरा है कि सभी बोरवेल फेल हो चुके हैं और लोग डेढ़ दो किलोमीटर दूर ढोढ़ी या कुआ से पानी लाने को मजबूर हैं। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों को यह दूषित पानी ही पीने और दैनिक उपयोग के लिए इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने राहत पहुंचाने की दिशा में कदम तो बढ़ा दिए हैं, लेकिन सवाल यह है कि प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक करेगा? क्या सरकार और कोयला खदान प्रबंधन मिलकर शुद्ध पेयजल आपूर्ति की कोई ठोस व्यवस्था करेंगे? या फिर पंडो जनजाति के लोग इसी तरह बीमारियों व जल संकट से जूझते रहेंगे?

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