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मुख्यमंत्री के गृह ग्राम में सरपंच- सचिव ने किया लाखों का घोटाला : पैसों की वसूली देख प्रशासन के छूटे पसीने

 पत्थलगांव -:पूरा मामला पत्थलगांव शहर के नजदीक ग्राम पंचायत रघुनाथपुर का है जहां सरपंच व सचिव के द्वारा बड़ा घोटाला व झोल झाल का मामला निकाल कर सामने आ रहा है आपको बता दें कि पिछले 5 वर्षों के कार्यकाल में सरपंच व सचिव के द्वारा गांव में किसी भी प्रकार का विकास कार्य नहीं करवाया गया है जब आज हमारी टीम सरपंच व सचिव से बात करने उनके ग्राम पंचायत पहुंची और रघुनाथपुर गांव के विकाश कार्यों की विस्तृत जानकारी मांगी तो सरपंच व सचिव घबड़ा कर वहां से भागखड़े हुए।

   जब हमने वहा के आम ग्रामीणों से बात की तो उन्होंने हमें यह बताया कि सरपंच के द्वारा पिछले 5 वर्षों में एक भी विकाश कार्य नहीं करवाया गया है उन्होंने बताया कि सड़क के फंड पास होने के बावजूद सरपंच के द्वारा सड़क नहीं बनवाया गया और न ही सड़क के खभों मै लाइट की सुविधा करवाई गई जैसे ही रात होती है पूरे सड़क में अंधेरा हो जाता है जिससे आने जाने में बड़ी असुविधा का सामना करना पड़ता है और हमने देखा की पूरे ग्राम के मकान कच्चे के है जब हमने वहा के ग्रामीणों से पूछा की आपको प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलता है क्या तब उन्होंने यह जवाब दिया कि हम फॉर्म तो भरते हैं परंतु सरपंच एवं सचिव के द्वारा यह कह कर खारिज कर दिया जाता है तुम मुझे पैसा दोगे तो मैं तुम्हारा प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृत करवाऊंगी परंतु वहां के ग्रामीण व्यक्ति यह बोलकर पीछे हट जाते कि हम इतने गरीब हैं हम आपको कहां से पैसा देंगे । 

अब देखने वाली बात यह है कि माननीय प्रधानमंत्री जी के द्वारा कहा जाता है की सब का साथ सब का विकास परन्तु माननीय सीएम विष्णु देव साय जी के जिले में इस प्रकार की गुंडाराज व रिसवत खोर सरपंच कितने दिन तक राजपाट करेंगे और आम ग्रामीणों के साथ इसी प्रकार की अत्याचार कब तक की जाएगी। 

सरपंच और सचिव इतने ही पैसों में खुश नहीं थे वे ग्रामीण से राशन कार्ड बनने के लिए प्रत्येक राशन कार्ड के ऊपर 2000 से 3000 रुपये की मांग करते है और जो व्यक्ति पैसा नहीं देता है उसका राशन कार्ड नहीं बनाया जाता है ऐसा गाँव वालो का कहना है ।

जब हमारी टीम ने थोड़ा औरजांच - पड़ताल की तो हमें पता चला कि सरपंच और सचिव के द्वारा गांव में सार्वजनिक शौचालय बनाया गया परंतु वह सार्वजनिक शौचालय मे न तो टोयलेट सीट है न ही पानी यू कहा जाये की सिर्फ बाहर से एक अच्छी सी दीवाल खड़ी कर दी गयी है और सार्वजनिक शौचालय मे ताला लटका दिया गया है।

अब देखना यह होगा की माननीय मुख्य मंत्री के गृह ग्राम मे बेचारी आम जनता गरीब किसान यू ही सचिव सरपंचो की भेट चढते रहेंगे क्या यू ही इन किसानो का शोषड़ होता रहेगा।

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