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अंजू त्रिपाठी का वार्ड क्रमांक 40 में निष्ठा और समर्पण का दूसरा नाम _________________________ (हर नए दिन के साथ सर्वमान्य उम्मीदवार के रूप में बढ़ता कदम)

रायगढ़, नगर निगम चुनाव के ऊहा पोह की अनिश्चितताओं के बीच एक वार्ड ऐसा भी है जहां संभावित उम्मीदवार का कद हर नए दिनों के साथ बढ़ता ही जा रहा है। और यह वार्ड कोई और नहीं बल्कि रायगढ़ का नामचिन वार्ड क्रमांक 40 है। इस वार्ड से यूं तो कई लोग अपनी इच्छा चुनाव लड़ने की व्यक्त कर चुके हैं , किंतु यह बताना लाजिमी है की सभी उम्मीदवार किसी न किसी छोटे या बड़े कार्यकर्ता की पत्नी है, जो सीधे तौर पर राजनीति से जुड़ी हुई नहीं है। किंतु भारतीय जनता पार्टी की सक्रिय सदस्य अंजू त्रिपाठी इस दौर में अन्य किसी भी संभावित उम्मीदवारों से


अलग है, क्योंकि उनका अपना एक अलग राजनीतिक पहचान है वह स्वयं एक बार पार्षद बन चुकी है और विकासशील पार्षद के रूप में अपनी अलग पहचान बन चुकी है , और भारतीय जनता पार्टी में अपनी एक अलग वजूद है। यही कारण है कि वह अन्य किसी भी उम्मीदवार से आगे, आगे और आगे निकलते नजर आ रही है। कारण स्पष्ट है, क्योंकि अंजू इस आरक्षण के पूर्व कभी नहीं सोची थी कि मुझे इस चुनाव में उम्मीदवार के रूप में अपने वार्ड के परिवार जनों के बीच जाकर चुनाव लड़ना है, इसके बावजूद भी वह और उनके परिवार वार्ड के बड़े बुजुर्ग, अमीर गरीब सबसे लगातार संपर्क में रहे, उनके सुख-दुख का साथी रहे, उनके हर क्रियाकलापों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की, और यही कारण है कि जहां एक और नगर निगम का चुनाव कब होगा यह अनिश्चितता के भंवर में फंसा है, तो दूसरी ओर जैसे-जैसे दिन बीतते जा रहे हैं अंजू त्रिपाठी की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है। अनायास ही लोग उनके घरों में आकर यह सुनिश्चित करना चाहते हैं की क्या वह इस वार्ड से वाकई चुनाव लड़ेगी ? यह उत्सुकता पूरे वार्ड में जंगल में लगी आग की तरह फैल रही है। और अंजू त्रिपाठी अपने घर आए लोगों से अपने पुराने अंदाज में बहुत ही विनम्रता से कहती है की हां, *यदि भारतीय जनता पार्टी मुझे अपना आशीर्वाद देती है,* तो मैं अवश्य भारतीय जनता पार्टी को और इस वार्ड के मतदाताओं को कभी भी निराश नहीं करूंगी। मेरी पूरी कोशिश रहेगी की जो पैमाना एक वार्ड पार्षद के रूप में अब तक तय किया गया है सकारात्मकता की ओर मैं उस पैमाने को एक, दो नहीं बल्कि और कई कदम आगे ले जाकर एक नया पैमाना तय करने का प्रयास करूंगी।

     बहरहाल सारे कयासो को झूठलाते हुए अंजू त्रिपाठी मदमस्त होकर अपने अभियान में पूरी तरह जुड़ चुकी है।

अब देखना यह है की आने वाले समय के चुनावी रण मैं किस तरह शंखनाद कर अपने चुनावी संग्राम का आगाज करते हुए उसे अंजाम तक पहुंचाती है ।

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