पत्थलगांव – मामला पत्थलगांव का के आस पास के सभी गांवों का है जहां कुछ कथा कथित पत्रकार बन कर गांव में गुम रहे हैं और मामला न होने पर भी झूठा मामला बना कर या बरगला कर सरपंचों से पैसे उठा रहे हैं सरपंच भी आगामी चुनावो को देखते हुए ओर नाम खराब न हो इस डर से 2000 ,4000 रुपए विज्ञापन के नाम से दे देते हैं मामला बस यही नहीं रुकता यहां तक धान मंडियों के संचालक से भी तेल के नाम पे 2000 से 3000 पैसे की उगाही भी हुई है पूछने पर जानकारी तो मिल पर कोई सामने आ के बोलने को तैयार नहीं कहना है कि जो हो गया हो गया पर अब से हम लोग भी ध्यान देंगे ।
क्या पत्रकारिता इतना सस्ता हो गया है कि फर्जी पत्रकार लोग सीधे साधे गांव वालों को इस प्रकार डरा के पैसे उठाए, ये सोचने वाली बात है कि पत्रकारिता को संविधान का चौथा स्तंभ माना जाता है और इस प्रकार का भष्टाचार फर्जी पत्रकारों द्वारा किया जाएगा तो सच पे किसी का भरोसा नहीं रहेगा गरीब जनता फिर अपनी फरियाद किसको सुनाएगी इस प्रकार का कृत्य शोभनीय नहीं है गलत न्यूज चलाने के बाद डिलीट करना पैसे न मिलने पर फिर से फर्जी न्यूज चलाना शासन प्रशासन को कड़ी कदम उठाने की जरूरत है ऐसे फर्जी पत्रकारों पर तुरंत कारवाही होना चाहिए।
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