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पोड़ी उपरोड़ा धान खरीदी केंद्र मे लगा जाम, उठाव नहीं होने से आ रहि समस्या, किसान समेत समिति कों धान सुरक्षित रखने की सता रहि चिंता

 पोड़ी उपरोड़ा धान खरीदी केंद्र मे लगा जाम, उठाव नहीं होने से आ रहि समस्या, किसान समेत समिति कों धान सुरक्षित रखने की सता रहि चिंता




खरीदी अब एक महीने और बाकी है, उसके बाद समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी बंद हो जाएगी। लेकिन इन दिनों केंद्रों में धान के बोरे जाम पड़े हैं। परिवहन नहीं होने के कारण समितियाँ में धान का अंबार लगा है। नए किसानों के धान को रखने के लिए जगह नहीं बची है। ऐसे में जहां किसान परेशान हो रहे हैं वहीं समिति प्रभारी भी चिंता में डूबे हैं। किसान और कर्मचारियों के बीच बहस भी हो रही है।

पोड़ी उपरोड़ा धान खरीदी केंद्र के प्रभारी ने बताया कि केंद्र में अब तक 8200 क्विंटल धान की खरीदी हो चूका है जिसमे से 2400 क्विंटल धान का उठाव नहीं हुआ है, गोदम मे महज 200 मेट्रिक टन धान ही रखा जा सकता है ऐसे मे समिति के पास जगह भी नहीं बची है, प्रभारी ने बताया की 2400 क्विंटल मे 9 राइस मिलरो का deo कट चूका है, इसके बावजूद मिलर धान का उठाव नहीं कर रहे हैं। खरीदी केंद्र प्रभारि का कहना है कि उच्चाधिकारियों को धान जाम होने के कारण होने वाली परेशानी की जानकारी दे दी गई है, लेकिन किसी ने कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है।



कलेक्टर ने खरीदी केन्द्रों से धान के अत्यधिक स्टाक लिमिट को खत्म करने और जल्द ही उठाव के निर्देश दिए हैं, लेकिन कलेक्टर के आदेश के बाद भी परिवहन नहीं कराया जा रहा है। हजारों क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे पड़ा है। दो दिन पहले क्षेत्र में हुई हल्की बारिश एवं बदली के मौसम के कारण नुकसान होने की चिंता धान खरीदी प्रभारियों को सता रही है। प्रभारियों द्वारा कई बार उच्चाधिकारीयों को समस्या से अवगत कराने के बाद भी धान परिवहन के लिए कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा हैं।

सेड निर्माण के लिए स्वीकृत हुई राशि अगले साल जगह पर्याप्त होगी।

पोड़ी उपरोड़ा मे अभी हालफिलहाल मे जगह नहीं जिसके कारण किसानो के धान कों निचे खेत पर रखा जा रहा है वही बारीस अधिक हुई तों पानी की धार से धान खराब होने का भी डर बना रहता है, लेकिन आने वाले अगले साल लगभग 1 एकड़ की भूमि पर सेड का निर्माण कराया जायेगा जिससे जगह भी पर्याप्त मात्रा मे उपलब्ध हो जाएगी, अब बचे एक महीने मे भारी संख्या मे किसान धान लेकर पहुंच रहे हैं लेकिन केंद्र में जगह की कमी के कारण खरीदी प्रभावित हो रही है।

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