बांगो ग्राम पंचायत मे हुआ 16 लाख का डीएमएफ घोटाला, राशि गबन लेकिन भवन अधूरा।
डीएमएफ योजना मूलतः खनन प्रभावितों के कल्याण व विकास के लिए लाया गया है। लेकिन कोरबा जिले में इसका बेतहाशा दुरुपयोग हो रहा है। कोयले सहित अन्य गौण खनिज के खनन से प्रभावित इलाकों में मुलभूत सुविधाओं और लोगों की जरुरत के हिसाब से कार्य करने के लिए DMF की राशि का इस्तेमाल किये जाने का नियम है। मगर शासन किसी की भी हो इस राशि का इस्तेमाल कोरबा जिलों में जिस तरह हो रहा है उससे ऐसा लगता है कि इस योजना कि राशि कों गबन करने के लिए उच्च से निम्न स्तर के कर्मचारी लगे हुए हैं। कोरबा जिला खनीज संसाधन से परिपूर्ण है, वही डीएमएफ योजना कि राशि बंदरबाट करने मे भी नंबर वन पर है।
पोड़ी उपरोड़ा विकास खंड के ग्राम पंचायत बांगो मे जिला खनीज न्यास संस्थान से 2018-19 मे सोसाइटी भवन निर्माण के लिए 16 लाख की राशि स्वीकृति हुई थी जहाँ बांगो सरपंच के कार्यकाल मे ही निर्माण शुरू हुआ वही कुछ राशि प्रथम किस्त मे आहरण की गई और फिर दूसरी किस्त आहरण की गई कुल 12 लाख रूपये भवन निर्माण के लिए सरपंच ने इंजिनियर की मिलीभगत से आहरण कर लिए लेकिन भवन अब भी अधूरे छोड़ दिए, अधूरे भवन के कारण आज भी सोसाइटी जर्जर भवन मे संचालित हो रहि और ग्रामीणों कों लाभ नहीं मिल पा रहा, किस तरह शासन की राशि की बंदर बाट की गई जिसका सीधा उदाहरण बांगो ग्राम पंचायत मे देखा जा सकता है।
ग्राम पंचायत बांगो मे पंचो व ग्रामीणों ने प्रत्येक कार्यो के भौतिक सत्यापन करने की शिकायत की थी जहाँ अधिकारी जांच करने भी गए वही कई अनियमितता मिली लेकिन दबा दिया गया और जांच मे पाया गया की अधूरे भवन की राशि 12 लाख आहरण कर ली गई है और भवन अधूरा है लेकिन अधिकारीयों ने भी मामले मे गंभीरता नहीं दी खाई जहाँ जांच अधिकारी भी सरपंच साथ साठ गांठ कर मामले कों दबा दिए, राशि कि बंदर बाट करने मे पंचायत कर्मचारी समेत उच्च अधिकारी कि संलीपता कों दर्शाता है।

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