सरकार द्वारा कोर्स कराये जाने के बाद भी आयुर्वेद विभाग में पंचकर्म सहायक की भर्ती नहीं हो रहि, 8 सालो से एक बार भी विकेंसी नहीं निकाले है। 2014 व 2016 में ये भर्ती हुई थी जिनमें पदों की संख्या 2-3 ही थी। जबकि 2010-11 से लगातार सरकार द्वारा यह कोर्स कराई जा रही है।
प्रशिक्षण प्राप्त पंचकर्म सहायक अभियार्थी विगत 7-8 सालो से स्वास्थ्य विभाग और आयुर्वेद संचालक आदि के चक्कर ही काट रहे हैं लेकिन उन्हें अब तक सिर्फ उदासी ही हाथ लगी है। उनका कहना है कि आज हम लोगो का उम्र 35 से पार हो रहा है।।।
वे सभी स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जयसवाल जी से मिले हैं और उन्हें आश्वासन मिला है।
सरकार आज एलोपैथी को ले दे के चला रही हैं लेकिन आयुर्वेद विभाग को पूरी तरह भूल ही गयी है, आयुर्वेद का महत्व आज हमें कहानियों में ही सुनाई देते हैं, लेकिन हकीकत में दिखाई नहीं देते हैं।
आज लगभग हर सामूदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में आयुर्वेद डाक्टर तो है लेकिन उनके नीचे संभालने के लिए आयुर्वेद से किसी प्रकार की भर्ती नहीं की गई है।


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