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एन एच एम कर्मचारियों का हड़ताल ग्यारहवें दिन भी जारी कल राजधानी में जुटेंगे प्रदेश भर के स्वास्थ्य कर्मचारी*

 छत्तीसगढ़ – प्रदेश में कार्य कर रहे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के 16 हज़ार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी जो 18 अगस्त से 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन पर हैं, सरकार के रवैये से नाराज होकर अब वह पूरे प्रदेश में मोदी की गारन्टी खोज अभियान शुरू करेंगे इसके लिए शुक्रवार को सभी कर्मचारी राजधानी रायपुर में तूता धरना स्थल पर एकत्रित होंगे ।



आंदोलन के स्वरूप के बारे में बताते हुए प्रदेश अध्यक्ष डॉ अमित कुमार मिरी ने बताया कि, विधानसभा चुनाव 2023 में भारतीय जनता पार्टी ने मोदी की गारंटी का नारा देते हुए अपना घोषणा पत्र बनाया जिसमें हम एनएचएम के कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का वादा किया गया है इस सरकार के कार्यकाल में 170 से अधिक ज्ञापन देने के पश्चात कोई सुनवाई न होने पर विवश होकर प्रदेश के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत कार्यरत 16 हज़ार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन आंदोलन पर हैं।


दुर्ग जिला अध्यक्ष डॉ आलोक शर्मा ने कहा की मोदी की गारंटी खोज अभियान अंतर्गत शुक्रवार 29 अगस्त को प्रदेश के सभी कर्मचारी अपने-अपने जिलों से राजधानी की ओर कूच करेंगे तथा मार्ग में पड़ने वाले सभी शहरों तथा गांव में मोदी की गारंटी खोज अभियान का पंपलेट के माध्यम से पता करने का प्रयास किया जाएगा । छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ द्वारा ऐसे 2 लाख पंपलेट प्रदेश में सभी जिलों में वितरित किए जाएंगे तथा हड़ताली कर्मचारी अपने घर, परिवार, रिश्तेदार, सहित जान पहचान के लोगों और राहगीरों, दुकानदारों ,आम जन को इस पंपलेट के माध्यम से गारंटी के लापता होने के संबंध में बताते हुए अपनी व्यथा और तकलीफ साझा करेंगे ।



*5 मांगे मान ली गईं हैं ,यह शासन का दुष्प्रचार है*


हड़ताली कर्मचारियों ने स्वास्थ्य मंत्री जी के इस बयान का भी खंडन किया है कि एनएचएम के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की 10 सूत्री मांगों में से पांच मांगे पूरी कर दी गई है। कर्मचारियों का कहना है कि यह पूरी तरह से सही नहीं है और भ्रामक बात है । केवल एक ऐसी मांग है जिस पर सर्कुलर जारी हुआ है अन्य किसी भी मांग पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तथा मांगों के स्वरूप को बदलने का प्रयास शासन- प्रशासन द्वारा किया जा रहा है । 20 वर्षों से शोषित ,पीड़ित, अल्प वेतन में काम कर रहे एन एच एम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अपने नियमितीकरण ,स्थाईकरण पब्लिक हेल्थ कैडर, ग्रेड पे, अनुकंपा नियुक्ति जैसी जरूरी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं जिस पर वर्तमान सरकार के द्वारा बहुत निवेदन करने और ज्ञापन देने के पश्चात भी कोई सुनवाई नहीं की गई। उक्त मांगों को केंद्र सरकार के मत्थे मढ़ा जा रहा है जबकि तकनीकी रूप से प्रदेश में स्वास्थ्य और स्वास्थ्य के कर्मचारियों का पूरा विषय राज्य सरकार के निर्णय के अधीन होता है ।

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