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धान खरीदी से पहले सरकार का बड़ा एक्शन: हड़ताली कर्मचारियों की मांगें अधूरी, ESMA लागू

धान खरीदी से पहले सरकार का बड़ा एक्शन: हड़ताली कर्मचारियों की मांगें अधूरी, ESMA लागू 

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान खरीदी प्रक्रिया शुरू होने से पहले सेवा सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल ने सरकार की चिंता बढ़ा दी थी। खरीदी व्यवस्था बाधित होने की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ आवश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (ESMA Act) लागू कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक, यानी पूरी खरीदी अवधि में, धान खरीदी कार्य से जुड़े सभी कर्मचारी ESMA के दायरे में रहेंगे। इस दौरान कार्य से इंकार, हड़ताल या किसी भी तरह की बाधा कानूनन प्रतिबंधित कर दी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि लोकहित में धान खरीदी का सुचारू संचालन अत्यंत आवश्यक है। कुछ समितियों में बर्खास्तगी की कार्रवाई और जारी हड़ताल के बीच खरीदी प्रभावित न हो, इसलिए यह कदम जरूरी माना गया। सरकार ने अधिनियम की धारा 4(1) और 4(2) के तहत यह आदेश लागू किया है। आदेश प्रभावी होते ही यदि कोई कर्मचारी ड्यूटी छोड़ता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई संभव होगी। उधर, हड़ताल पर बैठे कर्मचारी अपनी मुख्य मांगों के पूरे न होने को लेकर नाराज़ हैं। मांगें पूरी नहीं हुईं, लेकिन सरकार ने सीधे ESMA लागू कर दिया—जिसके बाद अब सबकी निगाहें इस पर टिक गई हैं कि कर्मचारी कब हड़ताल खत्म कर काम पर लौटते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि धान खरीदी सीजन में सरकार की यह शुरुआती सख्ती साफ संकेत देती है कि खरीदी व्यवस्था प्रभावित करने वाले किसी भी कदम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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